ऊंची कीमत के बावजूद MV गंगा क्रूज पर सफर के लिए करना होगा लंबा इंतजार, मार्च 2024 तक के लिए पूरी तरह बुक

दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज एमवी गंगा विलास आज यानी शुक्रवार को अपने पहले सफर पर वाराणसी से रवाना हो गया है. खुद पीएम मोदी ने एमवी गंगा विलास को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. एमवी गंगा विलास पानी में चलता फिरता एक भव्य महल की तरह है, जहां सुख सुविधाओं के हर साधन मौजूद है. इस क्रूज में शाकाहारी भारतीय खानपान, अल्कोहल-मुक्त पेय, स्पा और चिकित्सकीय मदद जैसी कई सुविधाएं मौजूद है. हालांकि जिसता लग्जरी इसका सफर है उसती ही मोटी रकम इसके लिए चुकानी पड़ेगी.

यात्रा के लिए चुकानी होगी मोटी कीमत: जी हां, इस लक्जरी क्रूज पर सफर करने के लिए मोटी कीमत चुकानी होगी. एक यात्री का किराया करीब 50 से 55 लाख रुपये होगा. इतनी ऊंची कीमत के बावजूद इस क्रूज पर सफर करने की मंशा रखने वाले लोगों को एक साल से अधिक समय तक इंतजार करना होगा. इसकी वजह यह है कि यह क्रूज मार्च 2024 तक पहले ही बुक हो चुका है. इसका मतलब है कि एमवी गंगा विलास क्रूज से वाराणसी-डिब्रूगढ़ का सफर तय करने के लिए किसी व्यक्ति को अप्रैल 2024 तक इंतजार करना होगा. नई बुकिंग अगले साल अप्रैल से ही उपलब्ध है.

51 दिनों के लंबे सफर पर एमवी गंगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये इस क्रूज को हरी झंडी दिखाकर 51 दिनों के लंबे सफर पर रवाना किया. इस दौरान यह क्रूज भारत के पांच राज्यों और बांग्लादेश के जल-क्षेत्रों से होकर असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेगा. गंगा विलास क्रूज के पहले सफर पर 32 विदेशी पर्यटक रवाना हुए हैं. इस क्रूज का परिचालन करने वाली कंपनी अंतरा लग्जरी रिवर क्रूजेज की उपाध्यक्ष सौदामिनी माथुर ने कहा कि दुनिया के सबसे लंबे रिवर क्रूज पर डिब्रूगढ़ तक का एक यात्री का किराया 50 लाख से लेकर 55 लाख रुपये होगा.

विदेशों के ज्यादातर यात्री: उन्होंने कहा कि मार्च 2024 तक सीटें पूरी तरह बुक हो चुकी हैं और उसके बाद की ही बुकिंग उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा कि पहले से बुकिंग कराने वाले ज्यादातर यात्री अमेरिका और यूरोपीय देशों के हैं. माथुर ने बताया कि देश में बने इस पहले क्रूज जहाज में यात्रियों को स्थानीय भोजन और मौसमी सब्जियां ही परोसी जाएंगी. कंपनी के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी राज सिंह ने कहा कि क्रूज पर पूरी तरह शाकाहारी भोजन ही परोसा जाएगा. इसके अलावा किसी भी तरह का अल्कोहल भी नहीं परोसा जाएगा.

इस क्रूज की कमान 35 साल का अनुभव रखने वाले कैप्टन महादेव नाइक के पास है. चालक दल में कुल 39 सदस्य तैनात हैं. गंगा विलास क्रूज के पहले सफर के यात्री नेगार क्रीगर ने गंगा नदी से होकर सफर करने को अपने लिए बेहद खास अनुभव बताते हुए कहा, यह जिंदगी में एक बार होने वाला अनुभव है, इससे वंचित नहीं रहा जा सकता है. थॉमिएन क्रिस्टियन की भी कुछ ऐसी ही राय है. स्विट्जरलैंड के क्रिस्टियन ने कहा, “इस क्रूज पर सब कुछ शानदार है. अपनी लंबी यात्रा में यह क्रूज विश्व धरोहर स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों, नदी घाटों और बिहार में पटना, झारखंड में साहिबगंज, पश्चिम बंगाल में कोलकाता, बांग्लादेश में ढाका और असम में गुवाहाटी जैसे प्रमुख शहरों सहित 50 पर्यटन स्थलों से होकर गुजरेगा.

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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