वन मंडल में 01 करोड़ का मजदूरी घोटाला !

बड़े पैमाने पर फर्जी वाउचर बनाया गया और फर्जी मजदूरो के खातो में लाखो रूपये डाला गया

मजदूरो के जानकारी के बिना अंगूठा लगा कर खाते से पैसा निकाला गया

गरियाबंद: STSC संरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णा मेश्राम ने वन मंडल गरियाबंद में 01 करोड़ का मजदूरी घोटाला की शिकायत गरियाबंद कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को किया है । STSC संरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णा मेश्राम ने शिकायत में बताया है की बड़े पैमाने पर फर्जी वाउचर बनाया गया है और फर्जी मजदूरो के नाम से राशि निकाली गयी । गरियाबंद जिले के वन मंडल गरियाबंद में वर्ष 2019 से 2022 तक में वानिकी कार्य, पौधारोपड़ , नर्सरी, तालाब , सड़क, छिंद घास उन्मूलन , चारागाह विकास, अग्नि सुरक्षा फायर वाचर कार्य और अन्य कई प्रकार के कार्य किये गए है उन कार्यो को मजदूरो के द्वारा कराया गया है परन्तु मजदूरी राशि में बड़े पैमाने पर भ्रष्ट्राचार किया गया है । STSC संरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णा मेश्राम के द्वारा शिकायत किये जाने पर जांच कार्यवाही के लिए मामले को विभाग में भेजा गया है । कार्य मे मजदूरो का फर्जी नाम डाला गया है वन विभाग के कर्मियों के परिवार वाले और दोस्तों के नाम से पैसा निकाला जाता है ।

STSC संरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णा मेश्राम ने बताया की उक्त कार्यो में मजदूरो का फर्जी नाम डाला गया है । वन परिक्षेत्र कार्यालय में अपने ख़ास चुनिन्दा फर्जी मजदूरो का सूचि रखा गया है और उन ख़ास चुनिन्दा फर्जी मजदूरो का नाम वाउचर में डाला जाता है जबकि वो ख़ास चुनिन्दा फर्जी मजदूरो कभी भी काम नहीं करते है केवल उनके नाम से पैसा निकालने के लिए ही ख़ास चुनिन्दा फर्जी मजदूरो का नाम डाल कर पैसा निकाला जाता है । वन विभाग के कर्मियों के परिवार वाले और दोस्तों के नाम से पैसा निकाला जाता है । मजदूरो के जानकारी के बगैर बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठा लगा कर पैसा निकाला जाता है । STSC संरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णा मेश्राम ने बताया की मजदुर 05 दिन काम करता है परन्तु उनका 30 का हाजिरी डाल कर उनके खाते में पैसा डलवाया जाता है फिर मजदूरो के जानकारी के बगैर बायोमैट्रिक मशीन से अंगूठा लगा कर पैसा निकाला जाता है उसके बाद मजदूरो को 05 दिन का पैसा दे दिया जाता है मजदूरो को पता ही नहीं चलता की उनके खातो में कितना पैसा आया और कितना पैसा निकाला गया है । मजदूरो के बिना जानकारी के उनका फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से मिलीभगत कर बैंक से पैसा निकाला जाता है।

STSC संरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णा मेश्राम ने बताया की मजदुर 05 दिन काम करता है परन्तु उनका 30 दिन का हाजिरी डाल कर उनके खाते में पैसा डलवाया जाता है फिर मजदूरो के जानकारी के बगैर उनका फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से मिलीभगत कर बैंक से पैसा निकाला जाता है । सभी मजदूरो का फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक को आहरण कार्म दे दिया जाता है फिर बैंक अपना कमीशन ले कर मजदूरो का पूरा पैसा वन विभाग के बाबू को दे देता है । मजदूरो को पता ही नहीं चलता की उनके खातो में कितना पैसा आया और कितना पैसा निकाला गया है ।कार्यो के बिल वाउचर को जब्ती बना कर उल्लेखित सभी मजदूरो का बयान दर्ज किया जाए ।STSC संरक्षण समिति के प्रदेश महासचिव कृष्णा मेश्राम ने बताया की उक्त कार्यो के बिल वाउचर को जब्ती बना कर उल्लेखित सभी मजदूरो का बयान दर्ज किया जाए की वह किस स्थान में ,किस कार्य को ,कितने दिन कार्य किया और उसे कितना पैसा मिला , उसके खाते में कितना पैसा आया और खाते से पैसा कैसे निकाला गया ।

छत्तीसगढ़ स्टेट हेड उमेश यादव की रिपोर्ट Yadu News Nation

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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