‘ग्लोबल वेस्टर्न ओडिशा’ ने ऑनलाइन नूआखाइ भेटघाट आयोजन किया

‘ग्लोबल वेस्टर्न ओडिशा’ ने ऑनलाइन नूआखाइ भेटघाट आयोजन किया

बैंगलोर: अंतरराष्ट्रीय संस्था ग्लोबल वेस्टर्न ओडिशा (GLOWO) द्वारा ऑनलाइन नुआखाई भेटघाट का आयोजन किया गया है। लंदन से ममता नायक और बैंगलोर से सिमीता षडंगी ने बैठक की शुरुआत में मेहमानों का परिचय दिया। तब कनाडा से अर्जुन पुरोहित ने स्वागत भाषण दिया। सबसे पहले कार्यक्रम की शुरुआत माँ समलेश्वरी की पूजा और समलेइ के भजनों से हुई। इस अवसर पर पश्चिम ओडिशा के विभिन्न पहलुओं पर संगोष्ठी आयोजित किए गए। अरुंधति व्यावसायिक प्रतिष्ठान के निदेशक ब्रह्मानंद मेहेर और विकास प्रतिष्ठान के डी मुरली कृष्णा ने व्यवसाय के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालने के साथ साथ युवा उद्यमियों को प्रोत्साहित किया।

पश्चिम ओडिशा के विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रमुख राजनेताओं जैसे कि कलिकेश नारायण सिंहदेव, मुकेश महालिंग, भक्तचरण दास, नरसिंह मिश्र, डॉ रासेश्वरी पाणिग्राही, देवेश आचार्य, इराशिष आचार्य ने अपनी क्षेत्र की राजनीति पर चर्चा की। राष्ट्रीय स्तर के राजनेताओं और अंतर्राष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों, राजदूतों के साथ एक संगोष्ठी आयोजित की गई। धर्मेंद्र प्रधान, वैजयंत ‘जय’ पंडा, डॉ मदन मोहन सेठी, डाॅ महेश पुजारी, मानस राज पटेल, दिलीप रथ, सौमेंद्र महापात्र ने पश्चिम ओडिशा की अर्थव्यवस्था और विकास पर चर्चा की।

राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों अरविंद पाढ़ी, नंदिता मिश्र, विष्णुपद सेठी, मंनोरंजन पाणिग्राही ने पश्चिम ओडिशा के पर्यटन, कृषि और अन्य सरकारी व्यवस्था पर प्रकाश डाला। अंतरराष्ट्रीय फिल्म प्रायोजकों और राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध अभिनेताओं और अभिनेत्रियों के साथ एक संगोष्ठी आयोजित की गई। मनोज मिश्र, सुश्री दिव्यादिशा महान्ति, शास्वत योशी, प्रबोध रथ, चिन्मय मिश्र, जितेंद्र मिश्र, सब्यसाची महापात्र प्रमुख प्रतिभागी थे। उन्होंने पश्चिम ओडिशा के फिल्मों, लोक कला, लोककथा और लोक गीतों पर ध्यान केंद्रित किया। पश्चिम ओडिशा के प्रख्यात कलाकारों द्वारा एक दिलचस्प सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। अंत में संस्थान के सदस्य अजित पति ने प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया।

ग्लोबल वेस्टर्न ओडिशा (GLOWO) दुनिया भर के 17 देश, भारत के 16 शहरों के साथ साथ पश्चिम ओड़िशा के बिभिन्न व्यक्ति और प्रतिष्ठान को लेकर बना है। यह संस्थान की पहली नूआखाइ भेटघाट थी।

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