शिक्षक सनत यादव के कलम से नयी कविता छत्तीसगढ़ी भासा मे: “में हं नारी हवं”

शिक्षक सनत यादव के कलम से नयी कविता छत्तीसगढ़ी भासा मे: “में हं नारी हवं”

गरियाबंद: देवभोग शा पूर्व मा शाला उसरीपानी में पदस्थ शिक्षक श्री सनत यादव ने आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर नारी शक्ति को जगाने एवं नारियों की सम्मान एवं नारियों की उज्वल भविष्य की कामना करते हुए , छत्तीसगढ़ी भाषा में नई कविता अपने कलम से लिखे है ।

“में हं नारी हवं”

में हं नारी हवं जी ,
में हं नारी हवं ,
शक्ति स्वरूपा ,
त्रिपद धारिणी,
प्रकृति मनोहारी हवं ,
में हं नारी हवं जी ,
में हं नारी हवं ।।1।।
पहिली पद ह बेटी कहावये ,
दुसर पद ह बहिन ,
अऊ तिसर हा पद महतारी के ,
खुशबू ले गमकत समाज गंगा ,
में हं जग के फूलवारी हवं ,
में हं नारी हवं जी ,
में हं नारी हवं ।।2।।
बेटा- बेटी म झन करव अंतर ,
मोर पीरा ला सुनव गुनव फरियाव ,
बेटहा कस में हं बन के दिखाहूं ,
पढ़हा-लिखहा करियाव ,
जम्मों ग्यान के समान अधिकारी हवं ,
में हं नारी हवं जी ,
में हं नारी हवं ।।3।।
दू कुल ला जोड़वं में हं ,
मोला कहथैं दुहिता ,
त्रेता जुग म माता सीता ,
द्वापर जुग म राधा ,
कलिजुग म संघर्षशील नारी ,
तिनव जुग म सुख-दुख के संगवारी हवं ,
में हं नारी हवं जी ,
में हं नारी हवं ।।4।।

रचयिता :
✍🏾सनत कुमार यादव
ग्राम – देवभोग
जिला – गरियाबंद (छ.ग.)
मोबा. 6370196740

छत्तीसगढ़ स्टेट हेड उमेश यादव की रिपोर्ट Yadu News Nation