कहीं आपकी भी किडनी तो नहीं हैं खराब, शरीर देता है ये 6 आम संकेत; आज ही करें चेक

किडनी हमारे शरीर का सबसे जरूरी है. किडनी खराब होने के लक्षण इतने हल्के होते हैं कि ज्यादातर लोगों को बीमारी के बढऩे तक कोई अतंर महसूस नहीं होता. लाखों लोग किडनी की कई तरह की बीमारियों के साथ रहते हैं और इनमें से ज्यादातर को इसका अंदाजा नहीं होता. जब पेट में दर्द हो या पेशाब का रंग बदल जाए या ब्लड आए तो लोग आमतौर पर समझते हैं कि किडनी खराब हो गई है लेकिन कई ऐसे मामूली संकेत हैं जो किडनी खराब होने की दस्तक है.किडनी खून में गए सभी तरह के टॉक्सिन को शरीर से बाहर कर देती है और खून शरीर के रग-रग में दौड़ते रहता है, इसलिए जब किडनी खराब होती है तो इसका असर पूरे शरीर पर पड़ना लाजिमी है.किडनी मुख्य रूप से यूरिया, क्रिएटिनिन, एसिड जैसे नाइट्रोजनयुक्त वेस्ट मटेरियल उत्पादों से ब्लड को फिल्टर करती है. ये सभी टॉक्सिन्स हमारे ब्लैडर में जाते हैं और पेशाब करते समय बाहर निकल जाते हैं. यही वजह है कि किडनी की बीमारी को अक्सर साइलेंट किलर के रूप में जाना जाता है.

ये है समस्या 

एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति दिन में 6-10 बार पेशाब जाता है. इससे ज्यादा बार पेशाब जाना किडनी खराब होने की निशानी है. किडनी की समस्या के मामले में व्यक्ति को या तो बहुत कम बार या फिर बहुत ज्यादा बार पेशाब जाने की इच्छा महसूस होती है. ये दोनों ही स्थिति किडनी को नुकसान पहुंचाती हैं . कुछ लोगों की पेशाब में खून भी निकलता है. ऐसा डैमेज हुई किडनी के कारण ब्लड सेल्स के पेशाब में रिसने के कारण होता है. शुरूआती अवस्था में उपाय करने से किडनी को खराब होने से रोका जा सकता है. हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल से पीडि़त लोगों में किडनी के जल्दी खराब होने का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है. इसलिए इन लोगों को अपने स्वास्थ्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए. मेडिकल टेस्ट से शुरूआती चरण में समस्याओं का पता लगाने और इलाज शुरू करने में मदद मिलती है. जब पेट में दर्द हो या पेशाब का रंग बदल जाए या ब्लड आए तो लोग आमतौर पर समझते हैं कि किडनी खराब हो गई है, लेकिन कई ऐसे मामूली संकेत हैं जो किडनी खराब होने की दस्तक है.

ये हैं सामान्य लक्षण

बहुत ज्यादा थकान

ऐसे तो थकान कई बीमारियों के संकेत हैं लेकिन जब किडनी खराब होने के अन्य लक्षणों के साथ बहुत ज्यादा थकान हो तो यह भी किडनी खराब होने के संकेत हैं. दरअसल, किडनी के खराब होने से खून अशुद्ध होने लगता है जिसमें ऑक्सीजन की कमी होने लगती है. इससे एनीमिया होता है और शरीर में कमजोरी और थकान बढ़ जाती है.

एडिमा

किडनी शरीर से अतिरिक्त सोडियम को फिल्टर करने में मदद करती है. जब किडनी ठीक से काम करना बंद कर देती है, तो शरीर में सोडियम जमा होने लगता है. इससे पिंडलियों और टखनों में सूजन बढ़ जाती है. इस स्थिति को एडिमा कहते हैं. वैसे तो टॉक्सिक किडनी में आंखों और चेहरे में सूजन देखी जाती है, लेकिन इसके लक्षण सबसे ज्यादा हाथ, पैर और टखनों को प्रभावित करते हैं.

भूख कम लगना

शरीर में विषाक्त पदार्थों और वेस्ट के स्टोर होने से भी आपकी भूख कम हो सकती है. इससे वजन घटने लगता है. इस कारण व्यक्ति को हर समय पेट भरा हुआ महसूस होता है और कुछ खाने का मन नहीं करता है. यह किडनी खराब होने का खतरनाक संकेत है, जिस पर लोग आमतौर पर ध्यान नहीं देते हैं.

नींद नहीं आना

जब किडनी सही तरीके से प्यूरिफायर का काम नहीं करती तब खून में टॉक्सिन की मात्रा बढ़ने लगती है. इस कारण रात को नींद आने में परेशानी होती है.

स्किन प्रॉब्लम्स

जब खून में गंदगी ज्यादा होने लगती है और किडनी इसे सही तरीके से प्यूरीफाई नहीं कर पाती तो यह स्किन के नीचे दबने लगती हैं. इससे स्किन में खुजली, सूखापन और दुर्गंध आने की समस्या हो सकती है. स्किन में खुजली होना बेहद आम है इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं.

पफी आइज

आंखों के पास पफी आना भी किडनी खराब होने के संकेत हैं. सोडियम या तरल पदार्थ हाथ, पैर, टखने, फेस और आंखों के नीचे जमा होने लगता है. इससे फेस पर पफी दिखने लगता है. जब किडनी सही तरीके से काम नहीं करती तब इसमें सोडियम की मात्रा बढ़ने लगती है.

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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