फेफड़े का महत्व
फेफड़े का हमारे शरीर में काफी महत्व है. फेफड़े से हमारे शरीर का पीएच बैलेंस होता है. फेफड़ा का सबसे बड़ा काम शरीर में बीमारियां फैलाने वाले बैक्टेरिया से शरीर को बचाना है. ऑक्सीजन भी सबसे पहले लंग्स में ही पहुंचता है.

ठंड का असर
सर्दी के मौसम का सबसे अधिक असर लंग्स पर ही पड़ता है. जिसे ज्यादा सर्दी खांसी होती है वह इस बात का संकेत है कि आपके फेफड़े कमजोर हैं या वे संक्रमित हो रहे हैं. जानते हैं वो क्या-क्या संकेत हैं.

क्रोनिक कफ
क्रोनिक कफ तब होता है जब लगातार सीने में भरपूर दर्द महसूस हो और यह स्थिति लगातार 8 हफ्ते तक बनी रहे. यह फेफड़े के खराब होने का संकत हो सकता है.

क्रोनिक म्यूकस
लंग्स के अंदर म्यूकस का फॉर्मेशन होता है. यह फेफड़ को बाहरी बैक्टेरिया के प्रहार से रोकता है. अगर ये ज्यादा मात्रा में बनने लगे तो यह फेफड़े में बीमारी का संकेत है.

सांसो में घरघराहट
अगर आपको सांस लेने में घरघराहट होने लगे या किसी तरह की आवाज हो तो इसका मतलब है कि आपके लंग्स के वायुमार्ग की नली में कुछ फंसा है और वह संकीर्ण हो रही है. तुरंत डॉक्टर के पास जाएं.

सांस लेने में तकलीफ
अगर आपको सांस लेने में तकलीफ होने लगे और इसके साथ सांस फूलने की समस्या ज्यादा दिनों तक लगातार हो तो आपको सतर्क होने की जरूरत है.

छाती में दर्द
छाती में कभी-कभार दर्द होना आम बात है. अगर यह दर्द आपको लगातार होता है तो ये परेशानी वाली बात है. यदि एक महीने से ज्यादा हो तो ये गंभीर बीमारी के संकेत हैं.

खांसी के साथ खून आना
यह बात सबको पता है कि खांसी के साथ खून आना किसी बीमारी के संकेत हैं. अगर ऐसा हो तो तुरंत ही अपने डॉक्टर को संपर्क करें.

खांसी में अधिक मात्रा में बलगम निकलना
खांसी का मुख्य काम फेफड़ों द्वारा बनाए गए बलगम को आपके शरीर से बाहर निकलना है. कभी कभी इस बलगम में रक्त भी पाया जा सकता है. ब्रोंकाइटिस या निमोनिया जैसी बीमारियों में, आपके फेफड़ों से अलग-अलग रंगों में गाढ़ा बलगम निकल सकता है, ऐसा होने पर तुरंत जांच कराएं.

