अच्छे स्वास्थ्य के लिए उगते सूर्य की रोशनी में 10-15 मिनट रहना फायदेमंद होता है. शुद्ध वायु में टहलना सेहत लाभकारी है

अनियमित लाइफस्टाइल से मोटापा अपने साथ कई बीमारियों को लाता है लेकिन शरीर के वजन को कंट्रोल करके स्वास्थ्य सम्बन्धित समस्याओं से बचा जा सकता है.

तले -भूने खाद्य पदार्थ स्वाद तो देते हैं लेकिन बीमारी भी बढ़ाते हैं इसलिए वसायुक्त और रिफाइन में बने खाने के सामान का सेवन जितना हो सके कम कर देना चाहिए.

बेकार के तनान से बचने के लिए किसी काम या घरेलू कार्य में अपने को व्यस्त रखना चाहिए. बढ़िता सेहत के लिए कम खाओ और ज्यादा जिओ के सिद्धान्त पर चलना चाहिए .

स्वास्थ्य का मलतब मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों होता है इसलिए मानसिक स्वास्थ्य के लिए आत्मिक संतुष्टि वाले कार्य जैसे अगर संभव हो तो सामाजिक कार्य करना चाहिए.निराशा को अपनी लाइफ से दूर करते हुए जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए आशावादी सोच रखनी चाहिए.

दूध की चाय या कॉफी के सेवन के आदी हैं तो साधारण चाय के बदले ग्रीन टी का सेवन करना चाहिए.

खाना खाकर तुरंत सोने जाने के बजाय रात में सोने के 2 घंटा पहले हल्का या कम भोजन खाना चाहिए और खाना के बाद, 5 से 10 मिनट तक धीमी गति से टहलना चाहिए.

अच्छी नींद में स्वास्थ्य का मंत्र छिपा है इसलिए सोने के कमरे में कोई भी इलेक्ट्रोनिक्स उपकरण जैसे मोबाइल फोन, फ्रिज, टीवी नहीं रहना चाहिए जिससे कि आपकी नींद बाधित ना हो.

सोने के पहले हाथ – पैर को अवश्य धो लें. सोते समय भगवान का चिन्तन करते हुए या कोई अच्छी पुस्तक पढ़ते हुए सोयें.

मन की शांति के लिए ध्यान, पूजा-पाठ करें और भजन-कीर्तन का सहारा लें. रोज शंख बजाने पर साँस या दमा की बीमारी नहीं होती है. इसके बजाने से चेहरा और आँख पर अच्छा असर पड़ता है.

रोजाना एक नियमित दिनचर्या का पालन करें. सुबह का टाइम टहलने, योगाभ्यास और व्यायाम के लिए उत्तम होता है.

अपने आहार में फैट को कम करें और फाइबरयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें ताकि रोगों के जड़ कब्ज और गैस से बच सकें.

