जानें कौन हैं पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ?

जानें कौन हैं पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ?

Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif: पीएमएल-एन और पीपीपी के पास कुल 201 वोट

पीएमएल-एन और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के संयुक्त उम्मीदवार शहबाज (72) को 336 सदस्यीय सदन में 201 वोट मिले, जो सदन का नेता बनने के लिए आवश्यक मतों से 32 अधिक हैं. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के उनके प्रतिद्वंद्वी उमर अयूब खान को 92 वोट मिले. नेशनल असेंबली के अध्यक्ष सरदार एयाज सादिक ने नतीजों की घोषणा करते हुए शहबाज को पाकिस्तान का 24वां प्रधानमंत्री नियुक्त किया.

Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif: शहबाज शरीफ अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

आम चुनाव कराने के लिए संसद भंग किए जाने से पहले शहबाज ने अप्रैल 2022 से अगस्त 2023 तक प्रधानमंत्री के रूप में गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था. आठ फरवरी को हुए चुनाव में शरीफ की अगुवाई में पार्टी स्पष्ट बहुमत पाने में नाकाम रही. हालांकि, तकनीकी रूप से वह 265 में से 75 सीट के साथ सबसे बड़ी पार्टी है.

Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif: 2018 में भारत के खिलाफ शहबाज ने उगला था जहर

पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भारत को लेकर नजरिया ठीक नहीं रहा है. 2018 में उन्होंने भारत और जम्मू-कश्मीर को लेकर जो बयान दिया था, उसे कोई भी भारतीय नहीं भूल सकता है. अप्रैल 2018 में एक रैली को संबोधित करते हुए शहबाज ने कहा था कि ‘हमारा खून खौल रहा है, कश्मीर को हम पाकिस्तान का हिस्सा बनाकर रहेंगे’.

Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif: ‘कश्मीर मुद्दे के समाधान के बिना शांति संभव नहीं’

पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ खुद को शांति के दूत के रूप में पेश करते रहे हैं, लेकिन कश्मीर और भारत को लेकर उन्होंने हमेशा ही जहर उगला है. इमरान खान सरकार गिरने के बाद जब उन्हें पीएम पद पर बैठाया गया था, तब उन्होंने कहा था कि वो भारत के साथ शांति चाहते हैं, लेकिन कश्मीर के मुद्दे के समाधान के बिना शांति संभव नहीं है.

Pakistan Prime Minister Shehbaz Sharif: तीन बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं शहबाज शरीफ

शहबाज शरीफ तीन बार पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. उन्होंने अपनी राजनीति की शुरुआत 80 के दशक में की थी. सबसे पहले शहबाज 1988 में चुनाव जीते थे, लेकिन 1990 में ही विधानसभा भंग हो गई. लेकिन उसी साल फिर से शहबाज ने पंजाब प्रांत से चुनाव जीता. 1997 में शहबाज पहली बार पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री बने थे. उसके बाद दूसरी बार 2008 में और तीसरी बार 2013 में मुख्यमंत्री बने थे.