US South Korea Joint Military Exercise Vigilant Storm North Korea Fires Many Ballistic Missiles On South Korea

प्योंगयांग : कोरिया प्रायद्वीप पर तनाव अचानक बढ़ गया है। एक ओर दक्षिण कोरिया और अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उत्तर कोरिया लगातार मिसाइलें दाग रहा है। दक्षिण कोरिया का कहना है कि उत्तर कोरिया ने बुधवार को सात घंटों के भीतर कम से कम 23 बैलिस्टिक और दूसरी मिसाइलें लॉन्च की और पूर्वी सागर में तोप से करीब 100 गोले दागे। दक्षिण कोरिया के जेसीएस (जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ) ने कहा कि उत्तर कोरिया ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6:51 बजे उत्तरी प्योंगान प्रांत से येलो सी (Yellow Sea) में चार शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च कीं।

जेसीएस ने उत्तर कोरिया की ओर से तीन और शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलों को डिटेक्ट किया है जिनमें से एक दक्षिण कोरिया के क्षेत्रीय जल के पास गिरी। इन मिसाइल लॉन्च से दोनों कोरियाई देशों के बीच सीमा पर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। कोरियाई देशों के विभाजन के बाद यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया की ओर से दक्षिण में दागी गई मिसाइल ने एनएलएल (Northern Limit Line) को पार किया है। एनएलएल दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच पश्चिमी सागर (Yellow Sea) में एक विवादित समुद्री विभाजन रेखा है।

दक्षिण कोरियाई सेना के मुताबिक उत्तर कोरिया की ओर से पूर्वी बफर जोन में 100 से अधिक तोपों के गोले दागे गए हैं। दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया को एक औपचारिक चेतावनी संदेश भेजा है जिसमें किम जोंग उन की सेना से उकसावे वाली कार्रवाइयों को तत्काल बंद करने के लिए कहा गया है। मौजूदा तनाव और किम जोंग उन की बौखलाहट के पीछे अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खास ऑपरेशन ‘विजिलेंट स्टॉर्म’ को वजह माना जा रहा है जिसने कोरिया प्रायद्वीप में युद्ध जैसी स्थितियां पैदा कर दी हैं।

उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च इसलिए भी चिंताजनक हैं क्योंकि किम जोंग उन अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की धमकी दे चुके हैं। अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य संबंध किम जोंग की नाराजगी की मुख्य वजह हैं। सैन्य अभ्यास के लिए अमेरिका की आलोचना करते हुए उत्तर कोरिया दोनों देशों को ‘भारी कीमत चुकाने’ की धमकी भी दे चुका है। अब सवाल यह है कि आखिर ऑपरेशन ‘विजिलेंट स्टॉर्म’ क्या है जिसने किम जोंग उन की रातों की नींद उड़ा दी है।

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने सोमवार को अपने सबसे बड़े संयुक्त सैन्य हवाई अभ्यासों में से एक ऑपरेशन ‘विजिलेंट स्टॉर्म’ की शुरुआत की। पांच दिनों तक चलने वाले इस अभ्यास में दोनों देश मॉक हमले का अभ्यास कर रहे हैं। इस अभ्यास में 240 युद्धक विमान हिस्सा ले रहे हैं जो करीब 1600 उड़ानें भरेंगे। कुछ सहयोगियों का मानना है कि 2017 के बाद से पहली बार परमाणु परीक्षण की तैयारी कर रहे उत्तर कोरिया से निपटने के लिए इस तरह के अभ्यास बेहद जरूरी हैं। उत्तर कोरिया इस अभ्यास के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए मिसाइलें दाग रहा है।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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