ओटावा: कनाडा में मजदूरों की भारी कमी के चलते अप्रवासन को आसान बनाने की योजना है। देश के अप्रवासन मंत्री सीन फ्रेजर ने नई योजना का ऐलान किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि नए प्लान के बाद देश में अप्रवासियों की संख्या में भारी इजाफा होगा और मजदूरों की कमी को दूर किया जा सकेगा। माना जा रहा है कि सरकार का यह ऐलान भारतीयों को बड़े स्तर पर फायदा पहुंचायेगा। कनाडा वह देश है जहां पर अप्रवासी भारतीयों की संख्या ज्यादा है।
सीन फ्रेजर ने कहा, ‘कनाडा की जनता को यह समझना होगा कि उन्हें आबादी बढ़ाने की जरूरत है ताकि श्रमबल की समस्या को दूर किया जा सके।’ फ्रेजर ने कहा कि उम्मीद है इस नए कदम के बाद अप्रवासी मजदूरों की संख्या में इजाफा हो सकेगा। साल 2014 में कनाडा में चार लाख 31 हजार अप्रवासी मजदूर पहुंचे थे। साल 2025 तक इनकी संख्या पांच लाख करने की योजना है। इससे साफ है कि देश में रहने वाले अप्रवासी मजदूरों की संख्या में तेजी से इजाफा होगा। फ्रेजर ने जानकारी दी कि कनाडा में साल 2025 तक आर्थिक प्रवासी श्रेणी के तहत अप्रवासियों की संख्या 60 फीसदी तक करने का लक्ष्य है।
26 अक्टूबर को आये आंकड़ों बताया गया है कि देश की आबादी में पिछले पांच सालों में 5.3फीसदी तक बढ़ गई है। इसके बाद आबादी 3.7 करोड़ तक पहुंच गई है। ओंटारियो भारतीयों की फेवरिट जगह है। 55 फीसदी अप्रवासी भारतीय टोरंटो, ओट्टावा, वॉटरलू, ब्रैम्पटन और दूसरे शहरों में रहते हैं।

