च्यवनप्राश का स्वाद हर किसी को पसंद होता है. अपने जीवन में हर किसी ने च्यवनप्राश चखा है. यह तीखी-खट्टी-मीठी स्वाद वाला खाद्य पदार्थ होता है जो सर्दियों में खाया जाता है. आईये जानते हैं कि आखिर किन आर्युवेदिक तत्वों से बना है और इसके आखिर क्या-क्या गुण है. चिकित्सकों का कहना है कि च्यवनप्राश की जगह इन आर्युवेदिक तत्वों का सेवन किया जाए तो इसके दोगुणा फायदे मिलेंगे.

इन चीजों से बढ़ती है इम्यूनिटी
च्यवनप्राश को आर्युवेदिक औषधियों से बनाया जाता है. च्यवनप्राश को आंवला, तिल, नीम, पिप्पली, अश्वगंधा, तुलसी, सफेद चंदना, इलाइची, अर्जुन, ब्राह्मी, केसर, शहद आदि से मिलाकर बनाया जाता है. अगर आप इन इंग्रीडिएंट को खाएंगे तो मार्केट में मिलने वाली चीजों से ज्यादा अच्छा असर आपकी इंसान पर होगा.

आंवला
आंवला में पोषक तत्वों की भरमार है. च्यवनप्राश बनाने में आंवला का मुख्य रोल होता है. आंवले में विटामिन सी के साथ-साथ एंटी ऑक्सीडेंट और इम्यूनिटी बूस्टर होता है. सर्दियों में इसका सेवन करना सेहत के दृष्टिकोण से काफी बेहतर होता है.

बालों के लिए सेहतमंद
आंवला स्किन को डिटॉक्सीफाई करता है और स्किन और बालों को ग्लो करता है. इससे बालों को घने होने में मदद मिलती है. आंवला से हड्डियों को भी मजबूती मिलती है. इसके अलावा आंवले से डायबीटिज का भी खतरा कम होता है.

तिल
तिल का प्रयोग काफी मात्रा में सर्दियों में किया जाता है. सर्दियों के मौसम के लिए वरदान होता है. तिल में काफी मात्रा में पोषक तत्व जैसे जिंक, सेलेनियम, कॉपर, आयरन, विटामिन ई और विटामिन बी6 अधिक मात्रा में शामिल होते हैं.

इतना गुणकारी है तिल
तिल शरीर से कोलेस्ट्रॉल कम करने के साथ-साथ दिल से जुड़ी बीमारियों को भी खत्म करता है. तिल में पाया जाने वाला तेल हाइ ब्लडप्रेशर को कम करता है और शरीर में खून की सही मात्रा बनाए रखता है.

तुलसी
तुलसी एक नेचुरल इम्यूनिटी बूस्टर है. इसमें विटामिन सी और जिंक भरपूर मात्रा में होती है. इसको खाने से इंफेक्शन का खतरा नामात्र का रह जाता है. तुलसी में एंटी बैक्टेरियल, एंटी फंगल और एंटी वायरल कई तरह के गुण होते हैं जो बीमारियों से लड़ने के लिए सबसे कारगर होते हैं.

तुलसी का असर
तुलसी का शरीर पर काफी लाभकारी असर होता है. तुलसी के पत्ते को रोज खाने से कई बीमारियां दूर होती है. तुलसी से फेफड़े, स्किन, लिवर और मुंह के कैंसर से छुटकारा मिलता है.

नीम
नीम अपने असरकारी गुणों और कड़वे स्वाद के लिए फेमस है. नीम से कई बीमारियां ठीक होती हैं. नीम इम्यून को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर को कई प्रकार के रोग से दूर रखती है.

पिपली
पिपली का च्वयनप्राश बनाने में अहम भूमिका होती है. पिपली स्वाद में तीखा और तासीर में गर्म होने से सर्दियों के लिए बेहद फायदेमंद होती है. सर्दियों में इसका प्रयोग शरीर को गर्म रखने के लिए होता है. इसे सर्दी-खांसी को जड़ से खत्म होने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.

