US On Khashoggi Saudi Prince Immunity PM Modi: Khashoggi Assassination Saudi Crown Prince Immunity US Says Such Protection Given PM Modi In India

वॉशिंगटन: चर्चित पत्रकार जमाल खशोगी की हत्‍या के मामले में सऊदी प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान को छूट देकर बुरी तरह से घिरे अमेरिका ने अपने फैसले का बचाव किया है। अमेरिका ने कहा है कि ऐसा पहली बार नहीं जब हमने किसी नेता को यह छूट दी है। अमेरिका के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि हमने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई नेताओं को पहले भी अमेरिका में मुकदमा चलाए जाने से मुक्ति दी है। दरअसल, अमेरिका ने गुजरात के सीएम रहने के दौरान धार्मिक स्‍वतंत्रता को लेकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ यात्रा प्रतिबंध लगाया हुआ था लेकिन बाद में प्रधानमंत्री बनने पर उन्‍हें छूट दे दी गई थी। आइए जानते हैं पूरा मामला

अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्‍ता वेदांत पटेल ने सऊदी प्रिंस को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि हमने इससे पहले जिंबाब्‍वे के राष्‍ट्रपति रहे राबर्ट मुगाबे, पीएम नरेंद्र मोदी समेत कई वैश्विक नेताओं को इस तरह की छूट दी गई थी। अमेरिका ने पीएम मोदी का जिक्र करके यह बयान ऐसे समय पर दिया है जब वह हत्‍या के आरोपी सऊदी प्रिंस को लेकर बुरी तरह से घिरा हुआ है। अमेरिका ने जमाल खशोगी की प्रेमिका के केस में सुनवाई के दौरान सऊदी प्रिंस को मिली छूट के बारे में यह बयान दिया।

इससे पहले बाइडन प्रशासन ने कहा था कि जमाल खशोगी को सऊदी प्रिंस के इशारे पर तुर्की में मार दिया गया था। दरसल, सऊदी प्रिंस को भी इस केस में फंसने का डर था, यही वजह थी कि उन्‍हें हाल ही में सऊदी अरब का प्रधानमंत्री नियुक्‍त कर दिया था। इसका परिणाम यह हुआ कि उन्‍हें एक विदेशी सरकार के प्रमुख के रूप में मिलने वाली छूट हासिल हो गई। अमेरिका ने कहा कि सऊदी अरब का पीएम होने के नाते मोहम्‍मद बिन सलमान को राजनयिक छूट हासिल है। अमेरिका सरकार ने यह भी कहा कि यह हत्‍याकांड घृणित था।

अमेरिका ने पीएम मोदी को करीब 1 दशक तक यात्रा पर प्रतिबंध के दायरे में रखा था। यह प्रतिबंध उस समय खत्‍म हुआ जब वह प्रधानमंत्री बने। अमेरिका ने पीएम मोदी को वीजा देने से भी इंकार कर दिया था। अमेरिका ने यह प्रतिबंध गोधरा दंगों को कथित रूप से रोकने में फेल साबित होने के लिए मोदी पर लगाया था। इन दंगों के समय पर मोदी गुजरात के मुख्‍यमंत्री थे। अमेरिका ने पीएम मोदी के खिलाफ अपना दुर्लभ कानून लागू किया था। यह उन विदेशी अधिकारियों के खिलाफ लगाया जाता है जो धार्मिक अधिकारों के गंभीर उल्‍लंघन के जिम्‍मेदार माने जाते हैं।

अंतरराष्‍ट्रीय धार्मिक स्‍वतंत्रता कानून को अमेरिका की संसद ने 1998 में पारित किया था। वॉल स्‍ट्रीट जनरल की रिपोर्ट के मुताबिक पीएम मोदी पहले ऐसे विदेशी नेता थे जिनके खिलाफ यह अमेरिकी कानून लागू हुआ था और उन्‍हें वीजा देने से रोक दिया गया था। मोदी एक कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए न्‍यूयॉर्क जाने वाले थे। हालांकि बाद में मोदी के प्रधानमंत्री बनने पर उन्‍हें अमेरिका ने न केवल वीजा दिया बल्कि छूट भी दी।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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