ताइपे: ताइवान को धमकाने की अपनी हरकतों से चीन बाज नहीं आ रहा है। अब चीन के 9 लड़ाकू विमानों ने ताइवान के दक्षिणी पश्चिमी हवाई क्षेत्र से होकर उड़ाने भरी है। चीन की इस हरकत का करारा जवाब देते हुए अपनी मिसाइल को तैनात कर दिया है। ताइवान ने हाल ही अपने नए रक्षा मंत्री और खुफिया चीफ के नाम की घोषणा की थी। ऐसे में चीन ने अपने फाइटर जेट भेजकर दबाव बनाने की कोशिश की है लेकिन चीन का ये दांव उसी पर उल्टा पड़ गया है।
ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि चीन के चार जे-16, चार जेएच-7 और एक Y-9 EW फाइटर जेट ने ताइवान के ऊपर उड़ान भरी थी। इन जेट ने ताइवान-नियंत्रित प्रतास द्वीप के हवाई क्षेत्र से उड़ान भरी है। ताइवान-नियंत्रित प्रतास द्वीपों के पास अपनी वायु रक्षा पहचान के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में उड़ान भरी।
मंत्रालय ने बताया कि घुसपैठ की जानकारी होते ही ताइवान की वायु सेना ने उनका पीछा किया और रेडियो पर चेतावनी जारी की। इसके बाद ताइवान ने इलाके में निगरानी के लिए एयर डिफेंस सिस्टम तैनात कर दिया।
हाल के महीनों में चीन ने ताइवान के आस-पास अपनी सैन्य गतिविधि बढ़ा दी है। लोकतांत्रित ताइवान पर चीन अपना दावा जताता है। चीन का कहना है कि ताइवान उसका क्षेत्र है और एक दिन उसे मुख्य भूमि के साथ मिला लिया जाएगा।
ताइवान के साथ अमेरिका के रिश्ते भी हाल के दिनों में एक बार फिर से गहरा रहे हैं। हालांकि ताइपे के साथ वाशिंगटन के आधिकारिक संबंध नहीं है लेकिन अमेरिका इस द्वीप का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सहयोगी और हथियार निर्यातक है। अमेरिका के साथ बढ़ती इसी नजदीकी से चीन चिढ़ा हुआ है और इसके बदले में ताइवान के पास सैन्य गतिविधियां बढ़ाकर दबाव बढ़ा रहा है।
चीनी विमान लगभग दैनिक आधार पर ज़ोन के दक्षिण-पश्चिमी कोने में उड़ान भरते हैं, हालांकि आखिरी बार बड़े पैमाने पर ऐसी घुसपैठ 24 जनवरी को हुई थी जब 12 चीनी फाइटर जेट शामिल हुए थे।
चीनी विमान लगभग रोजाना ही ताइवान के दक्षिणी-पश्चिमी कोने में उड़ान भर रहे हैं। वहीं आखिरी बार बड़े पैमाने पर ऐसी घुसपैठ 24 जनवरी को हुई थी। उस दिन 12 चीनी फाइटर जेट ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की थी। चीन की तरफ से अभी तक इस बारे में कोई बयान नहीं दिया गया है।

