चीन ने शिकार को भेजी परमाणु पनडुब्‍बी, 10000 किमी रेंज वाली मिसाइलों से लैस, निशाने पर अमेरिका?

बीजिंग: दक्षिण चीन सागर पर चीन की आक्रामकता बढ़ती जा रही है। चीन की परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां (एसएसबीएन) इस समय चौबीसों घंटे इस क्षेत्र में गश्‍त लगा रही हैं। चीन का मकसद ताइवान से जंग की स्थिति में अमेरिका और इससे जुड़ी सेनाओं के खिलाफ अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। न्‍यूज एजेंसी रॉयटर्स की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक चीन इस समय कम से कम एक परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) को हर पल समंदर में तैनात रखे है। माना जा रहा है कि वह अमेरिका के खिलाफ अपनी तैयारियों को बढ़ा रहा है।

चीन के कदम से बढ़ा खतरा
जानकारों का कहना है कि चीन का यह कदम क्षेत्र को जोखिम में डाल रहा है। साथ ही उसकी हरकतें अमेरिका और उसके साथियों पर नई क्षमताओं को विकसित करने के लिए दबाव डाल रही हैं ताकि वह किसी खतरें का सामना कर सकें। जो जानकारी आ रही है उसके मुताबिक चीन की छह टाइप 094 परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां इस समय हैनान से दक्षिण चीन सागर तक रोजाना गश्‍त कर रही हैं। कहा तो यह भी जा रहा है कि एक नई लंबी दूरी की पनडुब्बी से लॉन्‍च हो सकने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (एसएलबीएम) लैस पनडुब्‍बी भी यहां मौजूद है और यह अमेरिका तक हमला कर सकती है।

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह नई मिसाइल JL-3 है। इसकी रेंज 10,000 किलोमीटर बताई जा रही है। इस मिसाइल की मदद से चीन दक्षिण चीन सागर में सुरक्षित ठिकानों से अमेरिका पर निशाना लगा सकता है। इससे पहले चीन की के टाइप 094 SSBN जो JL-2 SLBM मिसाइल से लैस है, उसे अमेरिका पर हमला करने के मकसद से पश्चिमी प्रशांत और हवाई के पूर्व से लॉन्च किया गया था। इस मिसाइल ने मियाको जलडमरूमध्य, बाशी चैनल और सुलु सागर जैसे समुद्री चेकप्‍वॉइंट्स को भी पार कर लिया। इस की वजह से चीन की परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां अमेरिका और साथी नौसेनाओं के लिए और खतरनाक हो गई हैं।परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ा
रॉयटर्स ने बताया है कि चीन की तरफ से हुए इस नए घटनाक्रम के बाद पता लगता है कि चीन कितनी तेजी से लॉजिस्टिक्‍स, कमांड और कंट्रोल के साथ ही हथियारों को समंदर की तरफ भेज रहा है। उसका मकसद समुद्र में परमाणु हमले का जवाब देना है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन अपनी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों को अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस जैसी परमाणु शक्तियों की तरह तैनात करना शुरू कर रहा है। रॉयटर्स की मानें तो चीन के इस कदम के बाद चीनी पनडुब्बियों को जवाब देने के मकसद से अमेरिका की परमाणु हमला करने वाली पनडुब्बियों (एसएसएन) की आवश्यकता होगी। इन सबकी वजह से क्षेत्र में परमाणु युद्ध का खतरा बढ़ गया है।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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