जनरल असीम मुनीर शिया या सुन्‍नी, पाकिस्‍तान में हुई थी जांच, क्‍या है सऊदी अरब और ईरान कनेक्‍शन

रावलपिंडी: पाकिस्‍तान में इस समय हालात बड़े ही अजीब हैं। एक तरफ देश में आर्थिक संकट चरम पर है तो दूसरी ओर राजनीतिक अस्थिरता भी बढ़ती जा रही है। एक रिपोर्ट पर अगर यकीन करें तो जनरल आसिम मुनीर को पाकिस्‍तान की सेना का मुखिया बनने से रोकने के लिए कई तरह से साजिशें की गई थीं। देश के नेशनल डेटाबेस रजिस्‍ट्रेशन अथॉरिटी (NADRA) की तरफ से एक इनक्‍वॉयरी को अंतिम रूप देने की तैयारी हे जो डेटा लीक से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के परिवारवालों से जुड़ी कई व्‍यक्तिगत जानकारियों को लीक किया गया है। नवंबर 2022 में जनरल मुनीर को सेना प्रमुख बनने से रोकने के लिए गैरकानूनी तरीके से जानकारियों को हासिल किया गया था। एजेंसी के मुखिया तारिक मलिक की तरफ से इस इनक्वॉयरी के आदेश दिए गए हैं।

पाकिस्‍तान के सीनियर जर्नलिस्‍ट एजाज सैयद की तरफ से बताया गया है कि अक्‍टूबर 2022 में नाड्रा के साथ एक जूनियर डेटा एंट्री के तौर पर काम करने वाला शख्‍स इसके लिए जिम्‍मेदार है। नाड्रा के कोहलू स्थित सेंटर में काम करने वाले फारूक अहमद ने सेना प्रमुख जनरल मुनीर की पत्‍नी के बारे में जानकारियां निकालीं। साथ ही फारूक ने परिवार के पासपोर्ट की जानकारियां भी हासिल कीं और आईडी कार्ड नंबर्स लिए। उस समय जनरल मुनीर, लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर तैनात थे।

जनरल मुनीर के परिवार में जुटाई गई जानकारियों को बाद में फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) और इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्‍टम (IBMS) में फीड किए गए ताकि परिवार के अंतरराष्‍ट्रीय टूर के बारे में जानकारी हासिल की जा सके। जिस समय यह सबकुछ हो रहा था, उसी समय पांच सीनियर लेफ्टिनेंट जनरल, आर्मी चीफ की रेस में जनरल मुनीर के साथ शामिल थे।

इस पूरे डेटा लीक का मकसद यह साबित करना था कि आसिम मुनीर या फिर उनके परिवार ने कहीं ईरान की यात्रा करके शिया इस्‍लाम तो कबूल नहीं कर लिया। बताया जा रहा है कि इस तरह के आरोपों के जरिए सऊदी अरब की आंखों में उनके लिए शक पैदा करने की कोशिशें करना था। सऊदी अरब, पाकिस्‍तान का करीबी साथी है। इस डेटा लीक की कुछ निश्चित जानकारियों को सऊदी में डिफेंश अटैश के साथ साझा किया गया और यहां से जानकारियों सऊदी प्रशासन को दी गई।

जनरल आसिम मुनीर पहले भी सऊदी अरब में तैनात रह चुके हैं। एजाज सैयद के मुताबिक जब सऊदी शासन को यह जानकारियां मिली तो वह हैरान रह गया। जनरल मुनीर के बारे में पहले ही यह धारणा थी कि वह एक ‘सांप्रदायिक मानसिकता’ वाले जनरल नहीं हैं। लेकिन इस पूरी साजिश का मकसद उन्‍हें सेना प्रमुख न बनने देना था। इसलिए सऊदी अरब को गलत जानकारियां मुहैया कराई गईं।

सऊदी की सरकार ने उस समय प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से संपर्क किया और उन्‍होंने इस पूरी जानकारी को अपने सिस्‍टम पर चेक किया। एक बार चेक पूरा होने के बाद नई रिपोर्ट बनाई गई। फिर सऊदी सरकार को बताया कि पहले जो जानकारियां डिफेंश अटैश की तरफ से दी गई हैं, वो गलत हैं। नवंबर 2022 के अंत में जनरल आसिम मुनीर की निुयक्ति का ऐलान किया गया था। झूठी रिपोर्ट पर पीएम शहबाज की तरफ से जांच शुरू की गई। जो जांच अभी जारी है उसके बाद कई लोगों के असली चेहरे सामने आने की उम्‍मीद है। माना जा रहा है कि यही वो लोग हैं जो सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के खिलाफ इस साजिश में शामिल थे।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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