वर्जीनिया: पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जब चार अप्रैल 2023 को न्यूयॉर्क में मुकदमे का सामना करने के लिए अदालत में पेश होंगे तो उन आरोपों को सार्वजनिक किए जाने की संभावना होगी जिन पर मैनहट्टन की ग्रैंड जूरी ने उन पर अभियोग चलाया है। मैनहट्टन के जिला अटॉर्नी एल्विन ब्रैग ने 30 मार्च 2023 को अभियोग चलाने की मंजूरी हासिल कर ली लेकिन अभी इसका खुलासा नहीं किया गया है कि ट्रंप के खिलाफ असल आरोप क्या हैं। कई मीडिया सूत्र बता रहे हैं कि अभियोग में पूर्व राष्ट्रपति पर कारोबारी धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। विलियम एंड मैरी लॉ स्कूल में प्रोफेसर ऑफ लॉ के मुताबिक अभियोजन तथा आगे क्या होगा, इस बारे में समझने के लिए चार अहम बिन्दु इस प्रकार हैं :
2) अगर मुकदमा चलता है ब्रैग को ट्रंप की संलिप्तता, धोखाधड़ी की मंशा साबित करनी होगी, अभियोजन को ट्रंप को प्रत्येक आरोप में दोषी साबित करने के लिए सबूतों को क्रमवार पेश करना होगा।
4) न्यायिक प्रक्रिया उलझी हुई रहेगी। ज्यादातर कम स्तर के अपराध और दुराचार के मामले मुकदमे से पहले ही सुलझ जाते हैं खासतौर से जब स्पष्ट तौर पर कोई पीड़ित नहीं होता है। अगर यह मामला मुकदमे तक जाएगा तो यह प्रक्रिया कई वजहों से उलझी हुई रहेगी। किसी आपराधिक मामले में जूरी का चयन करते हुए निचली अदालत के न्यायाधीश को ऐसी संभावित जूरी को चुनना होता है जो पक्षपातपूर्ण नहीं हो। इस मुकदमे पर मीडिया की पैनी नजर होने के कारण ऐसे लोग भी होंगे जो ट्रंप के समर्थक होंगे और जूरी में शामिल होना चाहते होंगे। इनमें से कुछ अपने पूर्वाग्रहों को छिपा सकते हैं। यह भी अपने आप में एक समस्या है।

