स्कूल और कॉलेजों को दी गई चेतावनी
जो सर्कुलर जारी किया गया है उसके तहत शिक्षा विभाग ने सभी स्कूल और कॉलेजों के प्रशासन से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि इस आदेश को तुरंत लागू किया जाए। इस सर्कुलर में कहा गया है कि जो भी इस आदेश को लागू करने में या फिर मानने में असफल रहेगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने एक तरह से स्कूल और कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जो छात्रा और टीचर इस आदेश को नहीं मानेगी और हिजाब नहीं पहनेगी, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।
अभी तक सरकार की तरफ से यह वजह भी नहीं बताई गई है कि आखिर क्यों इस आदेश को लाया गया है। मगर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानें तो यह देखा गया है कि कइ संस्थान सख्ती से ड्रेस कोड को लागू करने में असफल रहे हैं। ऐसे में इस आदेश का लागू किया जाना काफी जरूरी है। अधिकारियों ने ड्रेस कोड के बारे में कोई भी जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया।
हिजाब को बताया पैगंबर का आदेश
अधिकारियों ने इस आदेश को विभाग का ‘आंतरिक मामला’ करार दिया है। अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह के आदेश स्कूल-कॉलेजों में अनुशासन को सुनिश्चित करने के लिए जारी किए जाते हैं। पीओके के शिक्षा मंत्री दीवान अली खान चुगताई ने दावा किया कि यह आदेश ‘हमारे धर्म और हमारे समाज के नैतिक मूल्यों’ को ध्यान में रखकर ही जारी किया गया है।’ उनकी मानें तो हिजाब पहनना अल्लाह और पैगंबर का आदेश है।

