दुनिया में अमेरिका और रूस ही ऐसे देश हैं जिनके पास इस तरह का ‘डूम्सडे प्लेन’ मौजूद है। यह एक तरह का एयरबॉर्न कमांड पोस्ट होता है जो इस तरह से बनाया गया है कि उससे परमाणु हमला किया जा सकता है और अगर दुश्मन परमाणु हमला करता है तो यह प्लेन उससे आसानी से बच निकलता है। इस महातबाही लाने वाले प्लेन का निर्माण शीत युद्ध के समय किया गया था। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध को देखते हुए इन विमानों का महत्व और भी ज्यादा बढ़ गया है।
अमेरिका के पास 5428 परमाणु बम, रूस के पास कहीं ज्यादा
यूरोप में अमेरिका के सैन्य अभियानों के लिए जिम्मेदार जर्मनी स्थित अमेरिकी यूरोपीय कमांड ने E-6B मर्करी प्लेन के यूरोपीय देश आइसलैंड में उतरने की तस्वीर पोस्ट की है। E-6B मर्करी प्लेन एक कमांड पोस्ट और संचार प्लेन है। अमेरिकी सेना की यही कमान रूस और तुर्की से लगे इलाकों में सुरक्षा और अन्य अभियानों को अंजाम देती है। अमेरिकी सेना ने ट्वीट करके कहा कि इस प्लेन ने यूरोपीय कमांड एरिया में अभियान चलाते हुए आइसलैंड लैंड किया है।
रूसी न्यूज वेबसाइट स्पूतनिक के मुताबिक आइसलैंड में अमेरिका के राजदूत और अज्ञात सैन्य और राजनयिकों ने इस प्लेन के चालक दल से मुलाकात की है। बताया जाता है कि अगर अमेरिका को किसी जगह पर परमाणु हमला करना है तो वह इस सीक्रेट प्लेन को संदेश भेजेगा। इसके बाद यह प्लेन संदेश को अमेरिका की परमाणु सेना को भेजेगा। यह प्लेन मिसाइलों से लैस सबमरीन को भी परमाणु हमला करने के लिए संदेश भेज सकता है। इसी तरह से अमेरिका के जमीन पर बनाए गए मिसाइल साइलो को भी मिनटमैन परमाणु मिसाइलों को दुश्मन पर दागने का संदेश भी E-6B मर्करी प्लेन से भेजा जा सकता है। बता दें कि अमेरिका के पास 5400 से ज्यादा परमाणु बम हैं, वहीं रूस के पास 5900 से ज्यादा एटम बम हैं।

