Pakistan Vs India: आटे की किल्‍लत हो या लोन संकट, पाकिस्‍तान के हर मर्ज की दवा है भारत, पाकिस्‍तानी विशेषज्ञ ने दिखाया आईना – pakistan is in crisis and it needs india more than anyone else know why

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों खासे परेशान हैं। एक तरफ तो देश में आर्थिक संकट गहराता जा रहा है तो दूसरी तरफ उनका पड़ोसी देश भारत दिन पर दिन तरक्‍की कर रहा है। पाकिस्‍तानी रक्षा विशेषज्ञ शहजाद चौधरी की मानें तो अब पीएम शरीफ को गंभीरता से सोचना होगा। चौधरी ने एक्‍सप्रेस ट्रिब्‍यून में एक आर्टिकल में लिखा है कि अब समय काफी बदल चुका है। भारत दुनिया का वह देश बन चुका है जिसके साथ, अमेरिका और रूस जो एक-दूसरे को फूटी आंख नहीं सुहाते हैं, खड़े हैं। उनका कहना है कि अब समय आ गया है कि जब देश की नीतियों को बदलना होगा। अगर ऐसा होता है तो पाकिस्‍तान को भी भारत की तरक्‍की का फायदा मिल सकता है।

दिन पर दिन मजबूत हो रहा भारत
शहजाद ने अपने आर्टिकल में भारत की प्रगति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्‍वशीलता का भी जिक्र किया है। चौधरी ने अपने आर्टिकल में लिखा कि पीएम मोदी के बारे में पाकिस्‍तान में कोई बात नहीं करता है। वह इस देश में किसी गुमनाम शख्सियत से कम नहीं हैं। लेकिन असलियत यही है कि भारत की तस्‍वीर को अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर चमकाने का जो काम मोदी ने किया है, वैसा अभी तक कोई नहीं कर पाया है। शहजाद की मानें तो भारत दिन पर दिन मजबूत हो रहा है और यह बात शहबाज सरकार को याद रखनी होगी।
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विदेशी मुद्रा भंडार

शहजाद के मुताबिक अमेरिका और रूस, दुनिया के वो दो देश हैं जिनके बीच तनावपूर्ण रिश्‍ते किसी से छिपे नहीं हैं। लेकिन जब भारत की बात होती है तो दोनों देश उसके साथ खड़े नजर आते हैं। अपनी नीतियों और शर्तों पर भारत आगे बढ़ रहा है। यूक्रेन की जंग के बाद भी रूस से तेल की खरीद जारी रखे है और जनता को उसका फायदा मिल रहा है।
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साल 2037 तक भारत का सपना है कि वह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्‍यवस्‍था बन जाए और वह इसे हासिल भी कर सकता है। यूके को पीछे छोड़कर व‍ह पहले ही पांचवें स्‍थान पर आ चुका है। विदेशी मुद्राभंडार भी 600 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। जबकि पाकिस्‍तान के पास सिर्फ 10.19 अरब डॉलर ही विदेशी मुद्रा भंडार बचा है।
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बदलनी होगी नीतियां

शहजाद के मुताबिक बिजनेस हो या आईटी या फिर मिलिट्री की ही बात क्‍यों न हो, भारत अब किसी से पीछे नहीं है। यहां तक कि अब सऊदी अरब जैसे देश भारत में तो 72 बिलियन डॉलर तक निवेश करने को तैयार हैं लेकिन पाकिस्‍तान से मुंह मोड़ने लगते हैं। पाकिस्‍तान को सात मिलियन डॉलर तक के लिए भीख मांगनी पड़ती है। पुराना और अजीज दोस्‍त चीन भी अब कन्‍नी काटने लगा है।

आर्थिक तरक्‍की का रास्‍ता
शहजाद ने शहबाज सरकार को सलाह दी है कि देश की नीतियों को फिर से तय करने का समय आ गया है। भारत के लिए नीतियों को और साहसिक बनाने की जरूरत है। पाकिस्‍तान की सरकार को उस दिशा में काम करने के लिए शहजाद ने कहा है कि जो उसे आर्थिक तरक्‍की पर ले जाए। उनका कहना है कि अगर पाकिस्‍तान ऐसा नहीं करेगा तो फिर वह इतिहास के पन्‍नों में ही दर्ज होकर रह जाएगा।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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