यूक्रेन को याद कर फूट-फूट कर रोए पोप फ्रांसिस, युद्ध को बताया इंसानियत की हार!

इटली : पोप फ्रांसिस गुरुवार को यूक्रेन में शांति के लिए प्रार्थना कर रहे थे। इस दौरान वह भावुक हो गए और उनकी आंखें छलक उठीं। पोप फूट-फूट कर रोने लगे और उनके लिए आगे बोलना मुश्किल हो गया लेकिन भीड़ ने उनका हौसला बढ़ाया। मध्य रोम में स्पेनिश स्टेप्स के पास पोप एक प्रार्थना सभा में शामिल हुए। इस दौरान बोलते-बोलते वह झुके और भावुक हो गए। रूस और यूक्रेन की जंग अपने 10 महीने पूरे करने की ओर बढ़ रही है। बीते महीनों में मची भारी तबाही ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया है।

डेलीमेल की खबर के अनुसार, भाषण के दौरान यूक्रेनियों का जिक्र करते हुए पोप फ्रांसिस की आवाज कांपने लगी और उन्होंने बोलना बंद कर दिया। उनके सामने मौजूद हजारों लोगों की भीड़ को महसूस हुआ कि पोप भावुक हो गए हैं। भीड़ ने तालियां बजाना शुरू कर दिया और उनसे अपना भाषण पूरा करने का आग्रह किया। करीब 30 सेकेंड तक रुकने के बाद फ्रांसिस ने दोबारा प्रार्थना शुरू की। उन्होंने ईश्वर से यूक्रेनियों के लिए शांति की प्रार्थना की। हालांकि इस दौरान उनकी आवाज कांप रही थी।पोप 8 दिसंबर को स्पैनिश स्टेप्स की वार्षिक यात्रा पर पहुंचे थे। यीशु की मां मैरी को समर्पित यह दिन इटली में एक राष्ट्रीय अवकाश होता है। यह आयोजन इटली में क्रिसमस की अनौपचारिक शुरुआत का प्रतीक है। गुरुवार को स्पैनिश स्टेप्स के पास मैरी की मूर्ति पर प्रार्थना पढ़ने के बाद पोप ने पत्रकारों और भीड़ में मौजूद लोगों का अभिवादन किया। एक पत्रकार के सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि वह भावुक हो गए थे।

पोप ने कहा, ‘यूक्रेन युद्ध बहुत बड़ी पीड़ा है। यह मानवता के लिए हार है।’ फरवरी में रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से लगभग हर पब्लिक मीटिंग में फ्रांसिस ने यूक्रेन का जिक्र किया है और मॉस्को की लगातार आलोचना की है। बुधवार को उन्होंने यूक्रेन में युद्ध की तुलना एक नाजी ऑपरेशन से की जिसमें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान करीब 20 लाख लोग मारे गए थे। सितंबर में उन्होंने कहा था कि यूक्रेन ‘शहीद’ हो रहा है और पुतिन की ‘राक्षसी’ की निंदा की।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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