china saudi arabia deals at arab summit, सऊदी अरब के लिए खजाना खोलेंगे शी जिनपिंग, अमेरिकी ‘दोस्‍त’ से महाडील करेगा चीन, समझें खेल – xi jinping saudi arabia visit china and saudi arabia to sign deals at arab summit massage to us biden

रियाद: चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग सऊदी अरब की बहुप्रतिक्षित यात्रा गुरुवार को पहुंच रहे हैं। इस यात्रा के दौरान सऊदी अरब और चीन के बीच 29.3 अरब डॉलर की डील होगी। सऊदी अरब लंबे समय से खाड़ी देशों में अमेरिका का घनिष्‍ठ सहयोगी देश रहा है लेकिन बाइडन के राष्‍ट्रपति बनने और खशोगी मर्डर के बाद दोनों ही देशों के बीच संबंध रसातल में चले गए हैं। चीन के राष्‍ट्रपति अब सऊदी-अमेरिकी संबंधों में आई इसी कड़वाहट को भुनाने में जुट गए हैं। सऊदी अरब दुनिया के ऊर्जा बाजार के सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है।

सऊदी अरब की सरकारी न्‍यूज एजेंसी एसपीए ने बताया कि 6 साल में पहली बार सऊदी अरब की यात्रा पर पहुंच रहे शी जिनपिंग किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान से मुलाकात करेंगे। शी जिनपिंग रियाद में चीन-अरब शिखर सम्‍मेलन और चीन-गल्‍फ कॉन्‍फ्रेंस में हिस्‍सा लेंगे जहां इन देशों के नेता पहुंच रहे हैं। जिनपिंग की इस यात्रा को बाइडन की पिछले दिनों हुई यात्रा से जोड़कर देखा जा रहा है। बाइडन ने अपनी यात्रा के दौरान खाड़ी के सहयोगी देशों को सुरक्षा, निवेश और अर्थव्‍यवस्‍था में अमेरिकी सहयोग की प्रतिबद्धता को दोहराया था।

सऊदी एजेंसी ने गुरुवार को कहा कि किंग सलमान ने शी जिनपिंग को चीन और सऊदी अरब के बीच ऐतिहासिक रिश्‍ते तथा रणनीतिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए आमंत्रित किया है। बयान में कहा गया है कि चीन-अरब शिखर बैठक में सभी क्षेत्रों में संयुक्‍त रिश्‍ते को बढ़ाया जाएगा और आर्थिक तथा विकास से जुड़े सहयोग पर चर्चा की जाएगी। वहीं सऊदी अरब के विदेश राज्‍य मंत्री अदेल अल जुबैर ने कहा कि व्‍यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दे को शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान शीर्ष प्राथमिकता दी जाएगी।

चीनी राष्‍ट्रपति की यह यात्रा इस लिहाज से अहम है कि वह कोरोना महामारी के यह तीसरी विदेश यात्रा पर जा रहे हैं। जिनपिंग की यह सऊदी अरब यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब अमेरिका के साथ ओपेक की तेल की कीमतों को लेकर उसका तनाव काफी बढ़ा हुआ है। सऊदी अरब जहां सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है, वहीं चीन सबसे आयातक देश है। वहीं अल जुबैर ने चीनी राष्‍ट्रपति की यात्रा को कमतर करके दिखाने की कोशिश की और कहा कि दोनों नेताओं के बीच यह बैठक स्‍वाभाविक है क्‍योंकि चीन सऊदी अरब का सबसे बड़ा व्‍यापारिक सहयोगी देश है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा अमेरिका को सीधा संदेश है। उन्‍होंने कहा कि सऊदी अरब और चीन दोनों ही देश भूराजनीति को महत्‍व दे रहे हैं। दोनों ही देश यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके पास पश्चिमी देशों का विकल्‍प मौजूद है। चीन यह कह सकता है कि अमेरिका हमें दबाने की कोशिश कर रहा है लेकिन हमारे साथ अन्‍य शक्तिशाली शक्तियां हैं। वहीं सऊदी अरब भी कह सकता है कि हमारे पास विकल्‍प हैं और हम आप पर निर्भर नहीं हैं।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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