केमेस्ट्री में नोबेल पुरस्कार का हुआ ऐलान, इस बार तीन वैज्ञानिकों को इकट्ठा मिलेगा यह सम्मान

स्टॉकहोम: रसायन विज्ञान में नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize in Chemistry for 2022) का ऐलान हो गया है। इस बात तीन वैज्ञानिकों को एक साथ यह पुरस्कार दिया जा रहा है। रसायन में नोबेल पाने वाले वैज्ञानिकों में अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की कैरोलिन बर्टोज़्ज़िक (Carolyn Bertozzi), डेनमार्क के कोपेनहेगन विश्वविद्यालय के मोर्टन मेल्डाल (Morten Meldal) और अमेरिका के ही स्क्रिप्स रिसर्च के के. बैरी शार्पलेस (K. Barry Sharpless) को यह सम्मान दिया जा रहा है। बैरी शार्पलेस और मोर्टन मेल्डल ने केमेस्ट्री के फंक्शनल फार्म ‘क्लिक केमेस्ट्री’ की नींव रखी है। कैरोलिन बर्टोजी ने क्लिक केमिस्ट्री को एक नए आयाम पर पहुंचाया है और जीवित जीवों में इसका उपयोग करना शुरू कर दिया है। साल 2021 में यह पुरस्कार बेंजामिन लिस्ट और डेविड डब्ल्यू.सी. मैकमिलन को असममित ऑर्गेनोकैटलिसिस (asymmetric organocatalysis) के विकास के लिए दिया गया था।

नोबेल पुरस्कार के तहत स्वर्ण पदक, एक करोड़ स्वीडिश क्रोना (तकरीबन 8.20 करोड़ रूपये) की राशि दी जाती है। स्वीडिश क्रोना स्वीडन की मुद्रा है। यह पुरस्कार स्वीडन के वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल के नाम पर दिया जाता है।

स्वीडिश आविष्कारक अल्फ्रेड नोबेल की पांचवी पुण्यतिथि से हर साल 10 दिसबंर को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदानों पर नोबेल पुरस्कार वितरित किया जाता है। नोबेल ने विस्फोटक डायनामाइट का अविष्कार किया था। अपने अविष्कार के युद्ध में इस्तेमाल होने की वजह से वह काफी दुखी थे। इसी के प्रायश्चित के रूप में उन्होंने अपनी वसीयत में नोबेल पुरस्कारों की व्यवस्था की थी। उन्होंने अपनी वसीयत में लिखा था कि उनकी संपत्ति का अधिकांश हिस्सा एक फंड में रखा जाए और उसके सालाना ब्याज से मानवजाति के लिए उत्कृष्ट योगदान देने वालों को पुरस्कृत किया जाए।

पहला नोबेल पुरस्कार साल 1901 में फिजिक्स, केमिस्ट्री, मेडिसिन, लिटरेचर और शांति के क्षेत्र में दिए गए थे। यह अल्फ्रेड नोबेल की पांचवी पुण्यतिथि थी। नोबेल स्टॉकहोम में 1833 में पैदा हुए थे। उनके पिता युद्ध के शस्त्र बनाने का काम करते थे। आगे चलकर नोबल भी रसायन शास्त्र के बड़े वैज्ञानिक हुए। साल 1867 में उन्होंने अत्यंत विस्फोटक डायनामाइट का अविष्कार किया था। 10 दिसंबर 1896 को इटली के सौन रेमो में नोबेल का देहांत हो गया।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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