दुबई में खुला भव्‍य हिंदू मंदिर, मुस्लिम देश में भगवान शिव और कृष्‍ण के साथ गुरुग्रंथ साहिब की पूजा

दुबई: दुबई के जबेल अली में चार अक्‍टूबर को पहले हिंदू मंदिर का उद्घाटन हो गया। पांच अक्‍टूबर से श्रद्धालु इस मंदिर में आकर दर्शन कर सकेंगे। स्‍थानीय मीडिया की तरफ से बताया गया कि देश के सहिष्णुता और सहअस्तित्व मंत्री शेख नाहन बिन मुबारक अल नाहयान और यूएई में भारत के राजदूत सुंजय सुधीर इस मौके पर मुख्‍य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। मंदिर की अथॉरिटीज की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई। यह मंदिर जो सभी धर्मों के अनुयायियों के लिए है ए‍क सितंबर को खुल गया था। लेकिन इसका औपचारिक उद्घाटन बुधवार को हुआ है। यह यूएई का पहला ऐसा मंदिर है जो किसी एक समुदाय के लिए है। मंदिर की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि यह मंदिर परंपरा का प्रतीक है जिसे आने वाले समय के लिए तैयार किया गया है।

यूएई में भारतीय राजदूत सुंजय सुधरी ने कहा कि दुबई में यह मंदिर 16 हिंदू देवी-देवताओं के साथ गुरुग्रंथ साहिब की भी पूजा का स्‍थल होगा। यूएई के सहिष्णुता और सहअस्तित्व मंत्री शेख नाहन मुबारक अल नाहयन दशहरे के करीब इस मंदिर का उद्घाटन करेंगे। अगस्‍त महीने के अंत में मंदिर में सिखों के पवित्र ग्रुरु ग्रंथ साहिब को भी यहां रखा गया था। मंदिर अंदर से काफी खूबसूरत है और इसकी खूबसूरती देखती ही बनती है। मंदिर के मुख्‍य हॉल में ईश्‍वर की मूर्तियां स्‍थापित हैं।

इस हॉल में एक बड़ा सा 3डी प्रिंटेड गुलाबी कमल है जो पूरे गुंबद पर नजर आता है और उसे खूबसूरत बना देता है।यह मंदिर ‘पूजा गांव’ के तौर पर मशहूर जबेल अली में स्थित है। यह वह जगह है जहां पर कई चर्च और गुरु नानक दरबार गुरुद्वारा स्थित है। मैनेजमेंट की तरफ से क्‍यूआर कोड आधारित एप्‍वाइंटमेंट बुकिंग सिस्‍टम सक्रिय किया गया है। वेबसाइट के जरिए इस क्‍यूआर सिस्‍टम का प्रयोग कर दुबई के हिंदू मंदिर के लोगों ने दर्शन किए।

दुबई में करीब 64 साल पहले एक हिंदू मंदिर का निर्माण हुआ था। बुर दुबई में स्थित उस मंदिर में भगवान शिव और कृष्‍ण की स्‍थापना हुई है। लेकिन यह अब तक का सबसे विशाल मंदिर है। जबेल अली में साल 2012 में एक भव्‍य गुरुद्वारा बनाया गया था। मंदिर के अधिकारियों की मानें तो यह मंदिर 70,000 स्‍क्‍वॉयर फीट के हिस्‍से में फैला है और दो मंजिला है।

पहली मंजिल पर एक बड़ा सा प्रेयर हॉल है। इसके एक किनारे पर छोटे कमरे बने हैं जिसमें 16 भगवान स्‍थापित हैं। वहीं, भगवान ब्रह्मा के लिए एक अलग से कमरा है। पहली मंजिल पर 4,000 स्‍क्‍वॉयर फीट का एक हॉल है। इस हॉल में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन हो सकेगा। इनमें श्रद्धांजलि सभा, शादी समारोह और दूसरे कार्यक्रम शामिल होंगे।

क्‍यूआर कोड की वजह से एंट्री कुछ हद तक सीमित हो गई है। भीड़ को मैनेज करने और सोशल डिस्‍टेंसिंग के लिए यह प्रक्रिया अपनाई गई है। 14 पंडित खास भारत से गए हैं और मंत्रोच्‍चार के लिए बुलाये गए हैं। उद्घाटन के लिए यूएई और भारत सरकार के सीनियर अधिकारी पहुंचे। साथ ही कुछ राजनयिक और समुदायिक लीडर्स को भी इसके लिए आमंत्रित थे।

मंदिर पांच अक्‍टूबर से आधिकारिक तौर पर बाकी जनता के लिए खोल दिया जाएगा। मंदिर सुबह 6:30 बजे से लेकर रात आठ बजे तक खुला रहता है। दिलचस्‍प बात है कि अक्‍टूबर के अंत तक म‍ंदिर में दर्शन करने के लिए अप्वाइंटमेंट्स फुल हो गए हैं। पांच अक्‍टूबर से जिन लोगों ने वेबसाइट के जरिए बुकिंग कराई है, उन्‍हें असीमित समय तक के लिए एंट्री मिल सकेगी।

वर्तमान समय में दर्शन सिर्फ कुछ घंटों के लिए ही है। बुकिंग सिस्‍टम अक्‍टूबर के अंत तक रहेगा और इसके बाद सदस्‍यों को फ्री एंट्री मिलेगी। वो किसी भी समय आकर दर्शन कर सकते हैं। आंगुतकों से अनुरोध किया गया है कि वो मंदिर तक आने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करें।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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