डिडिमोस और डिमोर्फोस इस साल सितंबर के आखिर में पृथ्वी के सबसे करीब होंगे। इस दौरान धरती से इनकी दूरी 10.8 मिलियन किमी होगी। डार्ट मिशन की टक्कर 26 सितंबर को होगी और इसे नासा टीवी और एजेंसी के यूट्यूब चैनल पर लाइव देखा जा सकेगा। रोम स्थित वर्चुअल टेलीस्कोप प्रोजेक्ट ने दक्षिण अफ्रीका में कई ऑब्जर्वेटरी के साथ मिलकर रियल टाइम में ऐस्टरॉइड की टक्कर को दिखाएगा। अंतरिक्ष में इस टक्कर का नजारा किसी साइंस फिक्शन मूवी जैसा दिखेगा।
सुरक्षित हो सकता है पृथ्वी का भविष्य
खगोलविदों का कहना है कि इस टक्कर को देखने वाला कोई भी व्यक्ति स्पेसक्राफ्ट के टकराने के बाद ऐस्टरॉइड की चमक में बदलाव को देख सकता है। 325 मिलियन डॉलर के डार्ट स्पेसक्राफ्ट को डिमोर्फोस से टकराने के पीछे स्पेस एजेंसी का उद्देश्य ऐस्टरॉइड की स्पीड में बदलाव करना है, न कि उसे खत्म कर देना। हालांकि 525 फीट चौड़ी अंतरिक्ष चट्टान पृथ्वी के लिए कोई खतरा नहीं है। यह मिशन भविष्य की संभावित प्रलयकारी घटनाओं से पृथ्वी की रक्षा के दरवाजे खोल सकता है।
सिर्फ 73 सेकेंड में ही सफल हो जाएगा मिशन
जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी की मिशन अधिकारी नैंसी चाबोट ने कहा कि डार्ट मिशन ऐस्टरॉइड को खत्म नहीं करेगा बल्कि उसे बस एक छोटा सा झटका देगा। नैंसी चाबोट इस प्रोजेक्ट को मैनेज कर रही हैं। उन्होंने बताया कि डिमोर्फोस हर 11 घंटे और 55 मिनट में डिडिमोस का एक चक्कर पूरा करता है। संभावना है कि डार्ट से टकराने के बाद डिमोर्फोस की गति धीमी हो जाएगी और यह बड़े ऐस्टरॉइड के और करीब हो जाएगा। इस बदलाव को पृथ्वी पर टेलिस्कोप से मापा जाएगा। मिशन की सफलता के लिए गति में न्यूनतम परिवर्तन 73 सेकेंड है।

