Made In Turkey Baykar Drones Now The Part Of UAE Forces सऊदी अरब नहीं यूएई को मिला तुर्की का खतरनाक बयारकतार ड्रोन, जानें रणनीतिक खेल

अंकारा: तुर्की की डिफेंस कंपनी बायकर ने यूएई को सबसे खतरनाक बयारकतार ड्रोन दिए हैं। कंपनी ने यूएई को 20 ड्रोन डिलीवर किए हैं। ये वो ड्रोन हैं जिसे हासिल करने के लिए सऊदी अरब भी काफी कोशिशें कर रहा था। तुर्की सरकार के सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि यह फैसला उस नरम रुख को बताता है जिसके तहत सैन्‍य संपर्क को बढ़ाया जाएगा। तुर्की और यूएई कभी क्षेत्रीय प्रतिद्वंदी रहे हैं। इस ड्रोन को किलर ड्रोन भी कहते हैं और इन्‍हें सबसे खतरनाक बताया जाता है।

क्‍यों बढ़ रही है मांग
बायकतार ड्रोन के लिए अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर मांग में तेजी से इजाफा हो रहा है। सीरिया, यूक्रेन और लीबिया में इस ड्रोन ने कहर बरपाया था। इसके बाद से ही ये ड्रोन सबकी नजर में आ गए थे। इन ड्रोन में मौजूद लेजर गाइडेड बम इसकी सबसे बड़ी खासियत हैं। इन ड्रोन्‍स ने दो साल पहले यूएई समर्थित बलों को पीछे धकेलने में मदद की थी। लीबिया में जारी गृह युद्ध, वह मैदान था जहां पर दोनों देशों के बीच मध्‍य-पूर्व में प्रभाव छोड़ने की जद्दोजहद जारी थी। सैन्‍य सूत्रों के मुताबिक अब यूएई और इसके साथी सऊदी अरब को उम्‍मीद है कि तुर्की के साथ मिलकर वह ईरान और इसके छद्म बलों की तरफ से पैदा सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर सकेंगे।

लगातर हो रहे ड्रोन हमले
यूएई और सऊदी अरब जहां तेल के संसाधनों की भरमार हैं, वहां शहरों में स्थित तेल के संस्‍थानों पर पिछले कुछ समय में ड्रोन हमलों में तेजी आई है। रॉयटर्स की मानें तो दोनों देशों ने यमन में ईरान समर्थित हाउदी लड़ाकों को इसके लिए जिम्‍मेदार बताया है। एक सूत्रों की तरफ से बताया गया है कि यूएई और रियाद दोनों ही बयारकतार टीबी2 ड्रोन को खरीदने के लिए बातचीत जारी रखे थे। बातचीत के दौरान तुर्की ने फैसला किया कि यूएई को 20 सशस्‍त्र ड्रोन्‍स दिए जाएंगे। इसी महीने ये ड्रोन यूएई को मिल जाएंगे। तुर्की के एक सीनियर अधिकारी ने इस बात की पुष्टि की है कि तुर्की ने कुछ ड्रोन यूएई को डिलीवर कर दिए हैं। अब यूएई को और ड्रोन, तुर्की से चाहिए।

सऊदी लगाना चाहता है फैक्‍ट्री
सऊदी अरब को ये ड्रोन तो चाहिए ही थे साथ ही साथ वो इनकी फैक्‍ट्री भी लगाना चाहता था। बायकर, सऊदी अरब के अनुरोध पर विचार कर रहा था। एक अधिकारी की मानें तो राष्‍ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के लिए यह एक रणनीतिक फैसला था। इसके अलावा ड्रोन के निर्माण के साथ ही सऊदी अरब में निवेश पर भी सिर्फ वह ही कोई फैसला ले सकते थे। बायकर, यूएई के विदेश विभाग और सऊदी अरब की सरकार की तरफ से इस पर अभी कुछ नहीं कहा गया है।

बायकतार ड्रोन ने ही यूक्रेन को रूस पर बड़ा रणनीतिक फायदा दिलाया है। इस ड्रोन की वजह से ही रूसी सैनिक कमजोर पड़े हैं। कंपनी की मानें तो दुनिया के 22 देश इस ड्रोन को खरीदना चाहते हैं। एक महीने में बायकर कंपनी करीब 20 बायकतार ड्रोन तैयार करती है। अगले तीन सालों के लिए इस ड्रोन के ऑर्डर बुक हो चुके हैं

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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