Iran Shahed 136 Drones Russia Ukraine War : Russia Is Using Shahed 136 Armoured Drones Of Iran Against Ukraine New Danger For Ukrainian Troops

रूस यूक्रेन युद्ध पिछले छह महीने से चल रहा है। शुरुआत से ही यूक्रेन रूसी सैनिकों के खिलाफ विदेशी हथियारों का इस्तेमाल कर रहा है, फिर चाहें वह तुर्की का टीबी-2 ड्रोन हो या अमेरिका HIMARS मिसाइल सिस्टम। लेकिन अब रूस ने भी यूक्रेन के खिलाफ विदेशी हथियार जंग के मैदान में उतार दिए हैं। एक यूक्रेनी कमांडर के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद विदेशी हथियारों के पहले इस्तेमाल में रूस ने नए ईरानी ड्रोन से यूक्रेन के बलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। यूक्रेन के 92वें मैकेनाइज्ड ब्रिगेड के आर्टिलरी कमांडर कर्नल रोडियन कुलगिन ने कहा कि पिछले हफ्ते सुसाइड Shahed-136 डेल्टा-विंग ड्रोन उत्तर-पूर्वी खारकीव क्षेत्र में यूक्रेनी तोपों के ठिकानों के ऊपर नजर आए। (फोटो : ट्विटर)

यूक्रेन के खेमे में मचाई तबाही

ये ड्रोन रूसी कलर में पेंट किए हुए थे और इन्हें जेरेनियम 2 के रूप में रीब्रांड किया गया था। अधिकारी ने कहा कि अक्सर जोड़े में उड़ने वाले और टारगेट से टकराकर उसे तबाह कर देने वाले इन ईरानी ड्रोन ने दो 152-मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर, दो 122-मिमी सेल्फ-प्रोपेल्ड हॉवित्जर, दो बीटीआर बख्तरबंद वाहनों को नष्ट कर दिया। कर्नल कुलगिन ने कहा कि वर्तमान में बड़े पैमाने पर शहीद ड्रोन के इस्तेमाल से पहले रूस ने पिछले महीने एक परीक्षण किया था जिसमें ड्रोन से एक अमेरिकी एम777 155-मिमी टोड हॉवित्जर को निशाना बनाया गया था। अभी तक ईरानी ड्रोन ज्यादातर खारकीव क्षेत्र में तैनात प्रतीत होते हैं, जहां 92वीं ब्रिगेड और अन्य यूक्रेनी बलों ने इस महीने एक बड़ा पलटवार किया और करीब 8500 वर्ग किमी को दोबारा अपने कब्जे में ले लिया। (फोटो : ट्विटर)

ईरान के डेल्टा-विंग डिजाइन का नया मॉडल

कर्नल कुलगिन ने कहा कि अन्य क्षेत्रों में रूसी सैनिकों के पास शक्तिशाली तोपों की मारक क्षमता है। लेकिन यहां उनके पास तोपें नहीं हैं इसलिए उन्होंने इन ड्रोन का सहारा लेना शुरू कर दिया है। खारकीव से हाल ही में ड्रोन के मलबे की तस्वीरों की जांच करने वाले कुछ स्वतंत्र विशेषज्ञों का कहना है कि यह ईरान के डेल्टा-विंग डिजाइन का नया मॉडल शहीद-136 प्रतीत होता है। स्ट्रैटेजिक कंसल्टिंग फर्म रेड सिक्स सॉल्यूशंस एलएलसी के संस्थापक स्कॉट क्रिनो ने कहा कि शहीद-136 रूस को हाई-टेक हथियार, जैसे HIMARS से ‘शक्तिशाली प्रतिरोध’ प्रदान कर सकता है। (फोटो : ट्विटर)

टारगेट लॉक के बाद बचना मुश्किल

उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध में शहीद-136 की मौजूदगी यूक्रेन को अपने प्लान में बदलाव के लिए मजबूर कर रहा है। यूक्रेन युद्ध का विशालकाय मैदान शहीद-136 के खिलाफ बचाव को मुश्किल बनाता है। क्रिनो ने कहा कि शहीद-136 का इस्तेमाल बड़े प्रभाव के साथ किया जा सकता है, पहला- रडार सिस्टम को निशाना बनाकर और दूसरा- तोपों पर हमला करके। उन्होंने बताया कि ईरान के पास एंटीजैमिंग सिस्टम भी हैं जो यूक्रेन के लिए मुकाबला करना मुश्किल बना सकते हैं। एक बार शहीद ड्रोन ने अगर अपना टारगेट लॉक कर लिया तो उसे रोकना मुश्किल होता है। (फोटो : ट्विटर)

रूस का कमजोर ड्रोन प्रोग्राम उजागर?

यूक्रेन में रूस का शहीद-136 ड्रोन का इस्तेमाल ईरान के शस्त्रागार के विस्तार को दिखाता है। यह रूस के अपने ड्रोन प्रोग्राम की कमियों को भी उजागर करता है जो यूक्रेन की ओर से तैनात किए गए यूएवी से मुकाबला करने में सक्षम नहीं हैं। इजरायल और पश्चिमी देशों का आरोप है कि ईरान सऊदी अरब के तेल उद्योग, संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी, सीरिया में अमेरिकी सैनिकों और ओमान की खाड़ी में टैंकरों पर हमला करने के लिए सशस्त्र ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। (फोटो : ट्विटर)

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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