बल्ख प्रांत: कट्टरपंती सुन्नी इस्लामी संगठन तालिबान महिलाओं पर अपने जुल्म के लिए जाना जाता है और इस बार तालिबान की जुल्म और बर्बरता का शिकार बनी है एक महिला, जिसमें टाइट पकड़े पहने हुए थे। अफगानिस्तान के उत्तरी बल्ख प्रांत में तंग कपड़े पहनने और एक पुरुष रिश्तेदार के साथ नहीं होने के कारण तालिबान ने एक युवा महिला का सिर कलम कर दिया है। वहीं, तालिबान ने अपने कब्जे वाले इलाकों में अपने लड़ाकों को 12 साल की बच्चियों को उठाने की आजादी दे दी है। अफगानिस्तान में ‘रेडियो आज़ादी’ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘तालिबान के नियंत्रण वाले समर कांड गांव में एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई।’ पुलिस के अनुसार, 21 साल की महिला की पहचान नाज़नीन के रूप में हुई है। महिला पर उस समय हमला किया गया, जब वह घर से अकेले निकलकर मजार-ए-शरीफ के लिए वाहन में सवार होने वाली थी। पुलिस ने यह भी कहा कि हमले के समय नाज़नीन ने बुर्का पहना हुआ था, फिर भी उसकी हत्या सिर्फ इसलिए कर दी, क्योंकि उसने कुछ टाइट कपड़े पहने हुए थे और उसके साथ कोई पुरूष रिश्तेदार नहीं था। तालिबान के नियंत्रण में रहने वाले अफगानों ने कहा है कि तालिबान ने महिलाओं के बाहर काम करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अफगानिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने जिन इलाकों में कब्जा किया है, वहां के लोगों से कहा गया है कि 12 साल की उम्र की लड़कियों को वो तालिबानी लड़ाकों को सौंप दें। वहीं, तालिबान ने अपने लड़ाकों को आजादी दे दी है कि वो 12 साल की उम्र की लड़की को कभी भी उसके घर से ले जा सकते हैं। वहीं, तालिबान ने कहा कि विधवा महिलाओं को भी घर से ले जाने के लिए तालिबानी लड़ाके पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि तालिबान महिलाओं और बच्चियों के साथ भयानक बर्बरता करने वाले हैं।

