प्रतियोगिता से होता प्रतिभा का विकास -मुनि प्रशांत
कटिहार (बर्धमान जैन): मुनिश्री प्रशांत कुमार जी मुनिश्री कुमुद कुमार जी के सान्निध्य में कटिहार तेरापंथ युवक परिषद द्वारा भाषण प्रतियोगिता आयोजित हुई। जनसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रशांत कुमार जी ने कहा – भाषण प्रतियोगिता में सभी प्रतिभागियों ने अपने अंदाज से बहुत अच्छी प्रस्तुति दी। अनेक विषयों पर विचार प्रतिभागियों ने व्यक्त किए।इन विषयों पर जितना बोला जाएं उतना कम है। भाषण प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रतिभा का विकास, बोलने की कला का विकास।मंच पर प्रस्तुति देने से साहस एवं आत्मविश्वास बढ़ता है। व्यक्तित्व विकास का एक सुन्दर माध्यम है इस तरह की प्रतियोगिता। प्रतियोगिता में भाग लेने से व्यक्ति कितना कितना ज्ञान अर्जित कर लेता है। कटिहार में सीपीएस की क्लास भी आयोजित हुई थी जो एक माध्यम बनी प्रतिभा विकास का। बिना देखे बोलने से बोलने की कला का एक अच्छा विकास होता है। बोलने से पूर्व विषय की जानकारी अपेक्षित है। पढ़ने से नई नई जानकारी मिलती है। तेरापंथ युवक परिषद एक माध्यम बनी है प्रतिभा विकास का साधुवाद।

नीरज दुगड़ ने बताया- तेरापंथ महिला मंडल की सदस्यों ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया। विषय प्रस्तुति राकेश सुराणा ने दी।समय पालक की भूमिका आयुष घोड़ावत ने पूर्ण की। प्रतियोगिता दो ग्रुप में आयोजित हुई जुनियर ग्रुप में प्रथम स्थान सुश्री भावना चौरड़िया, द्वितीय स्थान सुश्री रुचिका घोड़ावत, तृतीय स्थान मास्टर श्रेयांस संचेती ने प्राप्त किया। सिनियर ग्रुप में प्रथम स्थान श्रीमान अमित पटावरी, द्वितीय स्थान श्रीमती टीना जैन, तृतीय स्थान श्रीमती खुशबू छाजेड़ ने प्राप्त किया। संयोजन मुनिश्री कुमुद कुमारजी एवं श्रेयांस खटेड़ ने किया। आभार अमित पटावरी ने किया।

