मासूम को दिया गया जीवनदान, यूरेटर से स्टोन को दूरबीन विधि से निकाला गया

  • मोतिहारी से आए 12 माह के बच्चे के एक तरफ के किडनी और दूसरे तरफ के युरेटर से पथरी निकाली

  • बिना चीर-फाड़ के निकाला स्टोन, बच्चा पूरी तरह स्वस्थ्य

सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ने मोतिहारी से आए 12 महीने के एक मासूम बच्चे के एक तरफ के किडनी और दूसरे तरफ के युरेटर से पथरी निकालकर उसे नया जीवनदान दिया. दरअसल, बच्चे की बाईं किडनी में और दायीं किडनी के यूरेटर में स्टोन था. उसे पेशाब में दिक्कत थी. उसे बहुत दर्द होती थी. असहनीय पीड़ा के कारण वह बार-बार रोता रहता था. उसके अभिभावकों ने उसे कई जगह दिखाया पर राहत नहीं मिली. अल्ट्रसाउंड कराया तो पता चला कि उसकी किडनी और यूरेटर में स्टोन है.

दूरबीन विधि द्वारा बाईं किडनी के स्टोन को निकाला गया

इस परेशानी को लेकर जब वे सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल,पटना पहुंचे तो वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट किडनी प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. कुमार राजेश रंजन के नेतृत्व में उसका इलाज चला. यहां सबसे पहले उसके यूरेटर से स्टोन को दूरबीन विधि से निकाला गया. इसके करीब 15 दिन के बाद मिनी-पीसीएनएल (दूरबीन विधि) द्वारा बाईं किडनी के स्टोन को निकाला गया. इस तरह दोनों तरफ का स्टोन दूरबीन विधि से बिना चीर-फाड़ के निकाल लिया गया. बच्चा अब पूर तरह से स्वस्थ है.

बहुत छोटे आकार के विशेष उपकरणों का उपयोग किया जाता है

डॉ. कुमार राजेश रंजन ने बताया कि मिनी-पीसीएनएल मिनिमम इनवेसिव परक्यूटेनियस नेफ्रो लिथोट्रिप्सी है, जिसे मिनी-पीसीएनएल के रूप में जाना जाता है, यह गुर्दे की पथरी को निकालने के लिए एक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया है. इसमें बहुत छोटे आकार के विशेष उपकरणों का उपयोग किया जाता है और इसलिए सर्जरी अधिकतम जोखिम मुक्त होती है. उन्होंने कहा कि इन दिनों स्टोन निकालने के लिए यह एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन छोटे बच्चे में यह करना काफी मुश्किल काम होता है क्योंकि छोटे बच्चों की किडनी का आकार काफी छोटा होता है.

सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उपलब्ध बेहतरीन सुविधाएं

सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की निदेशक डॉ. अमृता ने बताया कि आम तौर पर छोटे बच्चों का स्टोन मुलायम होता है लेकिन इस बच्चे का स्टोन कठोर था. इतने छोटे बच्चे के किडनी के स्टोन का ऑपरेशन आमतौर पर बड़े शहरों के नामचीन अस्पतालों में होता है लेकिन पटना में सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उपलब्ध बेहतरीन सुविधाओं के कारण उसका ऑपरेशन बिल्कुल सुरक्षित और सामान्य दर पर हो गया.

बता दें कि सत्यदेव सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल में किडनी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर या अन्य तरह की पथरी से संबंधित रोगों का ऑपरेशन भी दूरबीन से किया जाता है. किडनी प्रत्यारोपण विशेषज्ञ डॉ. कुमार राजेश रंजन यहां यूरोलॉजी से जुड़ी जटिल रोगों का इलाज सफलतापूर्वक कर रहे हैं. यहां किसी भी तरह के यौन रोग, सेक्स या बांझपन, शुक्रनली, अंडाशय संबंधि विकार, लिंग संबंधि परेशानी, हर्निया, हाइड्रोसिल, अपेंडिक्स, गॉल ब्लाडर समेत अन्य रोगों का इलाज भी होता है.

यहां स्मार्ट आईसीयू विशेषज्ञों के नेतृत्व में चलने वाला आईसीयू है जहां अत्याधुनिक तकनीक के जरिए 24 घंटे मरीज की देखभाल की जाती है.

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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