‘पाकिस्तान भिखारी नहीं…’ कंगाल पाकिस्तान के वित्त मंत्री किसको दे रहे सफाई?

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने कहा है कि उनका देश भिखारी नहीं है, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) का सदस्य है। इशाक डार ने वर्ल्ड बैंक और IMF की मीटिंग में शामिल होने का अपना दौरा रद्द कर दिया था। उनके इस दौरे के रद्द होने के फैसले को पाकिस्तानी जनता ही संदेह भरी नजरों से देख रही थी। पाकिस्तान में इस बात की चर्चा थी कि IMF के अधिकारियों ने उनसे मिलने से मना कर दिया। इन अफवाहों पर जवाब देने के लिए इशाक डार आगे आए और कहा कि पाकिस्तान भिखारी नहीं।

इशाक डार ने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता को देखते हुए प्रधानमंत्री के आग्रह पर मीटिंग में न जाने का फैसला हुआ है। अफवाहों को लेकर आक्रामक तरीके से बोलते हुए डार ने कहा, ‘पाकिस्तान आईएमएफ का सदस्य है, भिखारी नहीं।’ उन्होंने जोर देकर यह भी कहा, ‘IMF मुझे स्प्रिंग मीटिंग में शामिल होने से नहीं रोक सकता।’ इशाक डार के वाशिंगटन में 10 अप्रैल से 16 अप्रैल तक होने वाली वर्ल्ड बैंक-आईएमएफ की स्प्रिंग मीटिंग में शामिल होने की उम्मीद थी। इस दौरान उनकी आईएमएफ के अधिकारियों संग भी मीटिंग होनी थी।

शनिवार को उन्होंने कहा कि सात अरब डॉलर के आईएमएफ राहत कार्यक्रम की नौवीं समीक्षा सही रास्ते पर है। पाकिस्तान और अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) 1.1 अरब डॉलर के राहत पैकेज पर कर्मचारी-स्तर का समझौता नहीं कर सके हैं। यह समझौता होना पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाने के लिए बहुत जरूरी है। यह राशि 6.5 अरब डॉलर के उस राहत पैकेज का हिस्सा है, जिसे आईएमएफ ने 2019 में स्वीकृत किया था। विश्लेषकों का कहना है कि अगर पाकिस्तान को बाहरी ऋण देनदारियों पर चूक से बचना है तो यह पैकेज बहुत महत्वपूर्ण है।

 

डार ने देश को संबोधित अपने भाषण में कहा कि किसी मित्र देश से एक अरब डॉलर की जमा राशि की पुष्टि होना ही आईएमएफ सौदे की राह में इकलौती अड़चन है। उन्होंने कहा, “पिछले दो हफ्तों में, हमारे एक मित्र देश ने आईएमएफ को दो अरब डॉलर के वित्तपोषण की पुष्टि कर दी है। अब हम केवल एक अन्य मित्र देश से एक अरब डॉलर की प्रतिबद्धता की पुष्टि की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उसके बाद, कर्मचारी स्तर के समझौते को संपन्न करने की उनकी सभी शर्तें पूरी हो जाएंगी। इसके बाद, मामले को मुद्राकोष के निदेशक मंडल की बैठक में ले जाने में दो सप्ताह का समय लगता है।” हालांकि डार ने वित्तपोषण करने वाले मित्र देश के नाम नहीं बताए लेकिन स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने आईएमएफ को पाकिस्तान की मदद करने की प्रतिबद्धता दिखाई है।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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