पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से अभी तक बेलआउट पैकेज नहीं मिल सका है। आईएमएफ कर्ज की किश्त जारी करने से पहले अपने हर शर्त को पूरा करवाना चाहता है। इसे लेकर पाकिस्तान और आईएमएफ के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है। पाकिस्तान के सामने डिफॉल्ट होने का खतरा लगातार गंभीर होता जा रहा है।

