भारत ने पीओके पर कब्‍जा किया तो परमाणु बम से मिलेगा जवाब… पाकिस्‍तान के पूर्व उच्‍चायुक्‍त अब्‍दुल बासित ने दी गीदड़भभकी

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान की सरकार को यह समझ नहीं आ रहा है कि आखिर आर्थिक संकट से कैसे पार पाया जाए। इन सबके बीच मुल्‍क के अधिकारी रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन के एक बयान को लेकर भारत को धमकाने में लगे हुए हैं। भारत में तैनात रहे पाकिस्‍तान के उच्‍चायुक्‍त अब्‍दुल बासित रूस की आड़ में भारत को धमका रहे हैं। सिर्फ इतना ही नहीं वह भारत को पाकिस्‍तान और चीन से संबंध सुधारने की सलाह तक दे रहे हैं। पुतिन ने कहा था कि बेलारूस के साथ हुई एक डील के बाद अब उसकी सीमा में रूस परमाणु सामरिक हथियार तैनात करेगा। उनके इस बयान को संभावित परमाणु युद्ध के तौर पर देखा जा रहा है।

अब्‍दुल बासित ने यू-ट्यूब चैनल पर इस बात के विकल्‍प के बारे में बता रहे थे कि क्‍या पाकिस्‍तान भी रूस की तरह सामरिक हथियारों का प्रयोग कर सकता है। बासित को इसमें कहते हुए सुना जा सकता है कि भारत की तरफ से भी आजकल काफी साहसी बयान दिए जा रहे हैं। वह इन बयानों के जरिए अपनी हिम्‍मत दिखाने की कोशिश कर रहें। इन बयानों में भारत अक्‍सर कहता है कि वह गिलगित-बाल्‍टीस्‍तान पर कब्‍जा कर लेगा, पीओके को अपनी सीमा में मिला लेगा। साथ ही पाकिस्‍तान के सिंधु नदी का पानी रोकने की भी धमकी देता है।

बासित ने कहा, ‘भारत यह जान ले कि पाकिस्‍तान भी जवाब देने की क्षमता रखता है। मुल्‍क नहीं चाहता कि दोनों देशों के बीच बात वहां तक पहुंच जाए जहां उसके पास कोई रास्‍ता न बचे। हम हरगिज नहीं चाहेंगे कि अपना अस्तित्‍व बनाए रखने के लिए इन हथियारों का प्रयोग करना पड़े। यह हथियार तो बस अपनी रक्षा के लिए हैं। अगर इनका प्रयोग हो जाता है तो फिर सबकुछ बदल जाएगा।’

बासित की मानें तो भारत और पाकिस्‍तान की स्थिति सोवियत संघ और अमेरिका से काफी अलग है। दोनों देशों के बॉर्डर जुड़े हुए हैं। अगर परमाणु हथियार या फिर सामरिक हथियारों का प्रयोग होगा तो फिर दोनों देशों पर असर पड़ेगा। इसके नतीजे काफी विनाशकारी होंगे। बासित की मानें तो पाकिस्‍तान ने इन हथियारों में महारत हासिल कर ली है।

उनके मुताबिक भारत भी यह बात जानता है कि देश के सामरिक हथियार कितने खतरनाक साबित होंगे। अगर वह दिन आया जब पाकिस्‍तान को यह हथियार इस्‍तेमाल करने पड़े तो ठीक नहीं होगा। अगर भारत गिलगित-ब‍ाल्‍टीस्‍तान या पीओके पर कोई कदम उठाता है या फिर पाकिस्‍तान की तरफ आने वाले पानी को रोकने की कोशिश करता है तो फिर देश के सामने कई चुनौतियां होंगी।

बासित यही नहीं रुके बल्कि वह भारत को धमकाने लगे। उन्‍होंने कहा कि अगर भारत ने कोई भी दुस्‍साहस दिखाया तो फिर पहले जवाब सामरिक हथियारों से दिया जाएगा। उनका कहना है कि पाकिस्‍तान ने के पारंपरिक हथियार तो भारत को मुश्किल वक्‍त दिखा ही सकते हैं साथ ही साथ उसने अपना परमाणु जखीरा भी बढ़ा लिया है।

यह भारत के हित में है कि वह पाकिस्‍तान और चीन के साथ रिश्‍तों को ठीक करे। बासित ने कहा कि कश्‍मीर का मामला जब तक नहीं सुलझता तब तक भरोसा, लंबे समय तक दोनों देशों के रिश्‍ते नहीं चल सकते और क्षेत्रीय सहयोग भी संभव नहीं है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान ने साल 2005 और 2007 में कश्‍मीर को लेकर जो पहल कीं, वो सभी उपाय धरे के धरे रहे गए। भारत को अगर पाकिस्‍तान के साथ शांति चाहिए तो उसे कश्‍मीर का मामला सुलझाना ही होगा।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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