इस्लामाबाद : भारत सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को निरस्त कर दिया था। ‘विशेष राज्य’ का दर्जा खत्म होने से आतंकवादियों और पाकिस्तान जैसे देशों को बड़ा झटका लगा था। घाटी में कायम शांति को देखकर आतंकी बेचैन हो रहे हैं और अब एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। कुख्यात आतंकवादी संगठन की क्षेत्रीय शाखा भारतीय उपमहाद्वीप में अलकायदा (AQIS) ने भी कश्मीर में भारत सरकार की सफलता स्वीकार कर लिया है। उसने घाटी में उग्रवाद के संबंध में पाकिस्तान पर अपनी भड़ास निकाली है।
कश्मीर में आतंकी गतिविधियों में आई कमी पर अलकायदा ने खुलकर अपनी झल्लाहट प्रकट की है। अपनी मैग्जीन में अलकायदा ने पाकिस्तानी मुस्लिमों से एकजुट होकर कश्मीर में आतंक फैलाने की अपील की है। भारत के अभिन्न अंग जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद आतंकवादी संगठन कोई भी बड़ा हमला करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। दूसरी ओर भारतीय सेना ने घाटी में दर्जनों अलकायदा आतंकियों को मार गिराया है।
जम्मू-कश्मीर हो या अन्य राज्य, भारतीय एजेंसियां अलकायदा की हर साजिश को नाकाम कर रही हैं। इससे दहशतगर्द बौखलाए हुए हैं। हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो सितंबर में श्रीनगर के नौगाम थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में अंसार गजवात-उल हिंद (एजीयूएच) के दो आतंकवादी मारे गए थे। अलकायदा अंसार गजवात-उल हिंद को ‘कश्मीर का इकलौता सच्चा आतंकवादी संगठन’ करार देता है।

