Protest Against Monarchy In Britain : Arrest In Britain In Protest Case Against Royal Family Intensifies Debate On Freedom Of Expression

लंदन : ब्रिटिश महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (British Queen Elizabeth II) के निधन के बाद राजशाही के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों की गिरफ्तारी से ब्रिटेन में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो गई है। एडिनबर्ग में एक महिला ने तख्ती लेकर प्रदर्शन किया था जिस पर ‘भाड़ में जाए साम्राज्यवाद, राजशाही खत्म करो’ लिखा था, जिसके बाद पुलिस ने उसपर शांति भंग करने का मामला दर्ज किया। इसी तरह का मामला एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया गया जिसने स्कॉटलैंड की राजधानी में महारानी की शव यात्रा के दौरान प्रिंस एंड्रयू को रोकने की कोशिश की थी।

ऑक्सफोर्ड में शांति कार्यकर्ता सायमन हिल को हथकड़ी पहनाई गई जब उन्होंने नए राजा के घोषणा के समारोह में इसके विरोध में नारेबाजी की। हिल ने समारोह में अचानक चिल्लाते हुए पूछा ‘उन्हें किसने चुना है?’ उन्होंने साथ ही देश पर राष्ट्राध्यक्ष लादने पर आपत्ति जताई। पूरे प्रकरण पर प्रधानमंत्री लिज ट्रस के प्रवक्ता मैक्स ब्लैन ने कहा, ‘यह राष्ट्रीय शोक की अवधि है और पूरे ब्रिटेन में गम का महौल है… प्रदर्शन करने का अधिकार मलूभूत सिद्धांत बना रहेगा।’

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पुलिस ने कहा- लोगों को प्रदर्शन का अधिकार
उन्होंने लेकिन कहा कि ‘पुलिस अलग-अलग परिस्थितियों में कार्रवाई पर निर्णय लेती है।’ उप सहायक आयुक्त स्टुअर्ट कंडी ने कहा, ‘लोगों को निश्चित तौर पर प्रदर्शन का अधिकार है और हमने अभूतपूर्व स्थिति में पुलिस की ड्यूटी कर रहे सभी अधिकारियों को यह स्पष्ट कर दिया है।’ एलिजाबेथ द्वितीय का निधन पिछले गुरुवार को हो गया था। आगामी सोमवार 19 सितंबर को उनका अंतिम संस्कार होगा। इतने दिनों में उनके शव को स्कॉटलैंड से लंदन लाया जा रहा है जो कई स्थानों पर रुकेगा।

महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए जुट रही भीड़
सोमवार को महारानी के चारों बच्चों-महाराज चार्ल्स तृतीय, राजकुमारी एनी, प्रिंस एंड्रयू और प्रिंस एडवर्ड की मौजूदगी में उनका ताबूत एडिनबरा के सेंट गाइल्स चर्च ले जाया गया था। इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए चर्च के बाहर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे। लंदन में महारानी को श्रद्धांजलि देने के लिए सोमवार से ही वेस्टमिंस्टर एबे के बाहर लोगों की कतारें लगनी शुरू हो गईं। महारानी का ताबूत रात भर बकिंघम पैलेस के ‘बो रूम’ में रखा जाएगा, जहां शाही परिवार के सदस्य उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। बुधवार को एक शव यात्रा निकाली जाएगी, जिसके तहत महारानी के ताबूत को बकिंघम पैलेस से वेस्टमिंस्टर एबे (संसद परिसर) ले जाया जाएगा।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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