समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की
भुवनेश्वर, यदु न्यूज नेशन: राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा, बलात्कार, हत्या, आत्महत्या और अन्य जघन्य एवं हृदयविदारक घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इससे जगन्नाथ संस्कृति और राज्य की छवि वैश्विक स्तर पर धूमिल हुई है। समाजवादी पार्टी ने कल विधानसभा में मुख्यमंत्री के बयान के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिव हाती यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ओडिशा में इस समय तालिबानी राज चल रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की जानकारी के अनुसार, पिछले 14 महीनों में राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के 37,611 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 9,181 दुराचार के मामले हैं। इसी तरह, पिछले डेढ़ साल में राज्य में 4,544 महिलाएं बलात्कार और सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई हैं।
मुख्यमंत्री के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में राज्य में 2933 बलात्कार के मामले, 1278 यौन उत्पीड़न के मामले, 8227 अपहरण के मामले दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार, विभिन्न थानों में 5464 दहेज उत्पीड़न के मामले दर्ज किए गए हैं। 4544 बलात्कार के मामलों में 3805 पुरुषों और 57 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार, पिछले 1 वर्ष में राज्य में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के मामलों में वृद्धि हुई है। दहेज से संबंधित आत्महत्या के 44 मामले, सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के 2161 मामले, यौन उत्पीड़न के 1278 मामले, शारीरिक संबंध, विवाह न करने आदि के 224 मामले दर्ज किए गए हैं।
राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ रहे हैं, वहीं आत्महत्या की घटनाओं में भी काफी वृद्धि हुई है। किसने उत्पीड़न के कारण आत्महत्या की और किसने पारिवारिक कलह के कारण ऐसा कदम उठाया। खासकर, पिछले 15 महीनों में राज्य में 15 युवतियों और महिलाओं ने आत्महत्या की। घरेलू हिंसा से लेकर दहेज और मानसिक प्रताड़ना के मामलों में राज्य में वृद्धि हुई है। इन सबका शिकार हुए छात्र और महिलाएं खुद को आग लगाने जैसे चरम कदम उठा रहे हैं। हाल के दिनों में बालासोर, बलंगा, जतना, जगतपुर, बरहामपुर सदर, महांगा, पट्टामुंडई, खैरा, राउरकेला, सहदेवखुंटा थाना क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं हुई हैं। इसमें कुल 15 छात्र और महिलाओं की जान जा चुकी है। इस संबंध में राज्य के विभिन्न थानों में बलात्कार के कुल 9 और हत्या के 6 मामले दर्ज किए गए हैं। इसी तरह, राज्य के विभिन्न शैक्षणिक संस्थान परिसरों में आत्महत्या की घटनाओं में वृद्धि हुई है। पिछले 15 महीनों में 22 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं।
इन सभी घटनाओं के बाद भी, सरकार कुरु बहल के धृतराष्ट्र की तरह, महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों को मनोरंजन के रूप में चुपचाप देख रही है। यह बेहद निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। जो सरकार महिलाओं की रक्षा नहीं कर सकती, वह अपना नैतिक मूल्य खो चुकी है। अगर जरा भी ओड़िया अस्मिता बची है, तो समाजवादी पार्टी ने मुख्यमंत्री से तुरंत इस्तीफा देने की मांग की है।

