नई दिल्ली: ‘थिंक टैंक’ राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट स्टडीज द्वारा डिजिटल माध्यम से आयोजित एक विकास सम्मेलन का उदघाटन करने के बाद ‘प्रतीक्षा 2030’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश का पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में इस वक्त बेरोजगारी चरम पर है, जिसके पीछे कारण साल 2016 में मोदी सरकार की ओर से बिना सोचे-विचारे नोटबंदी के फैसले को लागू करना था, मोदी सरकार के इस कदम ने बेरोजगारी और अस्थिरता को जन्म दिया जिससे असंगठित क्षेत्र तबाह हो गया। यही नहीं देश के पूर्व पीएम ने कहा कि देश के वित्तीय संकट को छिपाने के लिए भारत सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक अस्थायी उपाय लागू कर रहे हैं, जिसके चलते ऋण संकट पैदा हो सकता है जो कि छोटे और मंझोले (उद्योग) क्षेत्र को प्रभावित करेगा, जिसे रोकना तत्काल प्रभाव से काफी जरूरी है अन्यथा स्थिति और विकट हो जाएगी। उन्होंने राज्य सरकारों से लगातार संवाद नहीं करने के लिए भी केंद्र सरकार की जमकर आलोचना की।

