वॉशिंगटन: अफगानिस्तान से अमेरिका जिस तरह से भागा है, उसने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की लोकप्रियता को रसातल में पहुंचा दिया है। बिजली की रफ्तार से भी ज्यादा तेज गति से तालिबान ने काबुल पर कब्जा जमाया और फिर अफगानिस्तान में जो अराजकता मची, अमेरिका के लोग उसके लिए जो बाइडेन को जिम्मेदार मान रहे हैं और जो बाइडेन की ऑल टाइम रेटिंग गिरकर रसातल में पहुंच गई है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जो बाइडेन की लोकप्रियता ऐतिहासिक स्तर पर सबसे नीचले पायदान पर पहुंच गई है। नये मैरिस्ट नेशनल पोल के मुताबिक, जिसे एनपीआर और पीबीएस न्यूशोर के साथ किया गया है, उसमें पता तला है कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की अप्रूवल रैटिंग 43 प्रतिशत के नीचे आ गई है, जो डोनाल्ड ट्रंप से भी काफी कम है। राष्ट्रपति बनने के बाद जो बाइडेन की लोकप्रियता इस तरह से अभी तक नहीं लुढ़की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अफगानिस्तान की स्थिति को जिस तरह से जो बाइडेन ने संभाला है, उसे ज्यादातर अमेरिकियों ने खारिज कर दिया है। वहीं, अमेरिका की एक बड़ी आबादी मानती है कि जो बाइडेन अफगानिस्तान संकट को संभालने में पूरी तरह से नाकाम हुए हैं और अमेरिका अफगानिस्तान में बुरी तरह से हारा है। अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, जो बाइडेन की अप्रूवल रेटिंग सिर्फ 43 प्रतिशत है और अमेरिका की आम जनता उनसे काफी ज्यादा नाराज है। वहीं, 56 प्रतिशत से ज्यादा अमेरिकियों ने जो बाइडेन की विदेश नीति को हैंडल करने की क्षमता को नकार दिया है। वहीं, अमेरिका की 61 प्रतिशत आबादी अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी के खिलाफ नजर आ रही है। हालांकि, ज्यादातर अमेरिकी नागरिक इस बात से अब भी अनजान हैं, कि वास्तविक तौर पर अफगानिस्तान में क्या हुआ है और आखिर अफगानिस्तान की स्थिति अचानक इतनी खराब क्यों होगी, लेकिन 71 प्रतिशत अमेरिका के लोगों ने कहा है कि अफगानिस्तान में अमेरिका ‘नाकामयाब’ साबित हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक जिन 71 प्रतिशत अमेरिकियों ने जो बाइडेन को नाकामयाब माना है, उनमें 73 प्रतिशत लोग रिपब्लिकन पार्टी के सपोर्टर रहे हैं, लेकिन जो बाइडेन के लिए टेंशन की बात ये है कि 66 प्रतिशत ऐसे लोगों ने बाइडेन को ‘नाकामयाब’ राष्ट्रपति कहा है, जिन्होंने बाइडेन को राष्ट्रपति चुनाव में वोट डाला था। वहीं, जो बाइडेन को लेकर उनकी पार्टी में दरार फूटता दिखाई दे रहा है और ज्यादातर डेमोक्रेट नेता जो बाइडेन की कार्यशैली और विदेश नीति से नाराज बताए जा रहे हैं। वहीं, 75 प्रतिशत इंडिपेंडेंड नेता भी जो बाइडेन की अफगान नीति से काफी गुस्से में नजर आ रहे हैं।

