काबुल: अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पिछले दो दिनों से हर तरफ अफरा-तफरी की तस्वीरें सामने आ रही हैं। काबुल एयरपोर्ट पर लोगों की भारी भीड़ और किसी भी तरह से लोग देश छोड़कर जाने लिए आतुर दिख रहे हैं, इसके लिए लोग अपनी जान की परवाह तक नहीं कर रहे हैं। इस बीच रूस ने तालिबान का समर्थन करते हुए कहा कि अशरफ गनी सरकार की तुलना में काबुल तालिबान के नियंत्रण में बेहतर स्थिति में है।अफगानिस्तान में रूस के राजदूत दिमित्री जिरनोव ने तालिबान का समर्थन करते हुए कहा कि तालिबान को रूस में अभी भी आधिकारिक तौर पर आतंकी संगठन माना गया है, उसने पिछले 24 घंटों में अशरफ गनी सरकार की तुलना में काबुल को बेहतर सुरक्षा मुहैया कराई है। रूस के राजदूत के इस बयान को तालिबान के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है। रूस चाहता है कि अफगानिस्तान में फैली अस्थिरता सेंट्रल एशिया में नहीं फैले लिहाजा वह तालिबान के साथ अपने रिश्ते बेहतर करना चाहता है। जिस रफ्तार से तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान पर नियंत्रण हासिल किया उससे ना सिर्फ पूरी दुनिया बल्कि रूस भी चकित है। जब अमेरिकी सैनिक अफगानिस्तान से बाहर जाने की कोशिश कर रहे थे उस बीच तालिबान के लड़ाके बिजली की रफ्तार से पूरे अफगानिस्तान को अपने नियंत्रण में लेने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे। दिमित्री जिरनोव ने कहा कि वह तालिबान के व्यवहार से काफी प्रभावित हैं, उनका रवैया अच्छा, सकारात्मक और काफी बेहतर है।

