अयोध्या: जगदगुरु परमहंस आचार्य महाराज ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है कि वह भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करें नहीं तो वह जल समाधि ले लेंगे। परमहंस महाराज ने केंद्र को अल्टिमेटम देते हुए कहा कि मैं मांग करता हूं कि भारत को 2अक्टूबर तक हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाए नहीं तो मैं सरयू नदी में जल समाधि ले लूंगा। यही नहीं उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को मुसलमान और ईसाइयों की नागरिकता को रद्द कर देना चाहिए। इससे पहले छावनी पीठाधीश्वर जदगगुरु ने वेद मंत्रों के साथ कफन पूजन किया था। गौर करने वाली बात है कि परमहंस आचार्य 16 दिन का आमरण अनशन कर चुके हैं। उस समय गृहमंत्री अमित शाह ने उन्हें आश्वासन दिया था जिसके बाद उन्होंने अपना अनशन तोड़ा था। परमहंस लगातार ईसाइयों और मुसलमानों की नागरिकता को खत्म किए जाने की मांग कर रहे हैं। वह अन्य क्षेत्रों के संत को भी जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। 1 अक्टूबर को कई हिंदूसंगठन परमहंस के समर्थन में हिंदू सनातन धर्म संसद का आयोजन करेंगे।
बता दें कि मंगलवार को आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत ने सूरत में कहा था कि हिंदुत्व एक वैचारिक व्यवस्था है जो सबको लेकर चलती है और हर किसी को साथ लाती है। मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुत्व सबको अपने भीतर जोड़ने का काम करता है और यह सबको समृद्ध बनाता है। कभी-कभी मुश्किलों को हटाते समय संघर्ष आते हैं लेकिन हिंदुत्व संघर्षों के बारे में नहीं है। मोहन भागवत ने अपील की कि हिंदुओं को इस बात को समझने की जरूरत है कि बाधाओं को दूर करने के लिए शक्ति की जरूरत होती है, दुनिया इसे ही समझती है, हमे शक्तिशाली बनना होगा। लेकिन इस शक्ति का इस्तेमाल अत्याचार के लिए नहीं करना है, बल्कि धर्म की रक्षा करते हुए दुनिया को एक साथ लाने का काम करेगी।।

