पेरिस: फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी को 2012 में दोबारा चुनाव लड़ने के असफल प्रयास के लिए गैरकानूनी वित्त पोषण का दोषी पाए जाने पर 1 साल जेल की सजा सुनाई गई है। गुरुवार को पेरिस कोर्ट ने उन्हें दोषी पाया और 1 साल जेल की सजा सुनाई। हालांकि वह इस सजा के खिलाफ अपील कर सकते हैं, उनके पास कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए 10 दिन का समय है, जिसके बाद उन्हें घर पर ही एक इलेक्ट्रिक ब्रेसलेट पहनकर सजा काटनी होगी। अदालत ने इसी साल उन्हें भ्रष्टाचार के एक अन्य मामले में 3 साल की सजा सुनाई थी, जिसमें से दो साल की सजा को निलंबित कर दिया गया था। इसी के साथ सकरोजी 1945 के बाद देश के ऐसे पहले राष्ट्रपति बने जिन्हें जेल जाना पड़ा हो। सरकोजी 2007-2012 के बीच फ्रांस के राष्ट्रपति रहे थे। सरकोजी पर आरोप है कि उन्होंने 2012 के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान चुनावों में खर्चे की तय सीमा से लगभग 200 करोड़ रुपया ज्यादा खर्च किया। इसके बावजूद सरकोजी को इन चुनावों में हार का सामना करना पड़ा था और फ्रांस्वा ओलांद देश के नए राष्ट्रपति बने थे। हालांकि सरकोजी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने जून में कोर्ट को बताया कि वह किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं थे। जो कुछ भी हुआ उसकी उन्हें जानकारी नहीं थी। हालांकि कोर्ट ने कहा कि सरकोजी को अधिक खर्च के बारे में अवगत कराया गया था, लेकिन उन्होंने इसको लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि मार्च में एक अलग मुकदमे में सरकोजी को एक न्यायिक जांच पर गोपनीय जानकारी प्राप्त करने के लिए एक न्यायाधीश को रिश्वत देने और प्रभाव डालने की कोशिश करने का दोषी पाया गया था। हालांकि, उन्होंने इस मामले में किसी भी तरह की गड़बड़ी से भी इनकार किया।

