● फैक्ट्री के मालिक कैलाश अग्रवाल और बिजली विभाग की मधु चंद्रिका : बेगुनाह जानवरों की कुर्बानी दी जा रही है
कालाहांडी : नर्ला थाना के लाखगुड़ा में कैलाश अग्रवाल की ईंट फैक्ट्री में करंट लगने से एक बैल की मौत हो गयी। लाखगुड़ा गांव का एक किसान दीनबंधु प्रधान के गाय खुले तार के संपर्क में आया और उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने शिकायत की कि बिजली के खंभे के नीचे से ईंट कारखाने में अवैध रूप से बिजली लाई गई थी। अगर बैल की जगह इंसान होता तो क्या होता? स्थानीय लोगों ने सवाल किया है कि इसीलिए ईंट फैक्ट्री मालिक कैलाश अग्रवाल या बिजली विभाग, एसडीओ, इंजीनियर और प्रशासन; कौन जिम्मेदार है? किसानों ने खेती के मौसम में बैल की असमय हुई मौत के लिए मुआवजे की मांग की है। स्थानीय लोगों ने ईंट फैक्ट्री से अवैध कनेक्शन की जांच की भी मांग की है।
उल्लेखनीय है कि नर्ला विद्युत विभाग की इस तरह की लापरवाही और लापरवाह रवैये के कारण अक्सर छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं। कुछ दिनों पहले रूप्रारोड का एक 17 वर्षीय लड़का व्यवसायी राजेश कुमार अग्रवाल के दूकान के पास गये विजली तार के संपर्क में आया और गंभीर रूप से बीमार हो गया और एक महीने के लिए राज्य के बाहर के अस्पताल में उसका इलाज किया गया।
शिकायत के मुताबिक बिजली विभाग ने रुप्रारोड में कई व्यापारियों के प्रति सहानुभूति जताई है, जबकि मासूम जानवर और आम लोग इसका शिकार हुए हैं। कई व्यवसाय प्रतिष्ठान और निजी कनेक्शन में करों का भुगतान नहीं कर रहे हैं। लाखों रुपए हड़पने के लिए व्यवसायी और विजली विभाग के बीच समझौता हुआ है। इसकी जांच की मांग हो रहा है।

