श्री डूंगरगढ़: मानवता और सेवा की एक अनुकरणीय मिसाल पेश करते हुए, श्री डूंगरगढ़ निवासी स्वर्गीय श्री फूसराज जी चोपड़ा (धर्मपत्नी स्व. श्री शुभकरण चोपड़ा) के परिजनों ने उनके मरणोपरांत उनके नेत्र दान किए हैं। 60 वर्षीय फूसराज जी का स्वर्गवास दिनांक 5 सितंबर 2026 को हुआ। इस पुनीत कार्य की प्रेरणा चमन श्रीमाल और अमित चोपड़ा ने दी। परिजनों, जिनमें उनकी पत्नी श्रीमती चन्दादेवी, पुत्र यश, और पुत्रियाँ श्वेता बाफना, स्वीटी श्रीमाल एवं मेघना चोपड़ा शामिल हैं, ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया।

नेत्रदान की यह प्रक्रिया प्राणनाथ हॉस्पिटल और तेरापंथ युवक परिषद-सरदारशहर (आई बैंक) के सहयोग से संपन्न हुई। इस कार्य में परिषद प्रवृत्ति सलाहकार श्री अशोक झाबक (मो. 9636288181), नेत्रदान राष्ट्रीय प्रभारी (ABTYP) श्री कैलाश जी तातेड़ (मो. +91 82099 24807) और थली प्रभारी श्री लोकेश जी सेठिया (मो. 97992 62999) का विशेष सहयोग एवं मार्गदर्शन रहा।
परिजनों के इस महान निर्णय से दो दृष्टिबाधित लोगों के जीवन में रोशनी आएगी। यह समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम है। इससे पहले भी फूसराज जी चोपडा़ के छोटे भाई के मरणो उपरान्त नेत्रदान हुआ है इस परिवार का ये दूसरा नेत्रदान है। इस मौके पर राजकुमार बाफना छगनलाल चोपड़ा जगदीशराय मालू विशाल डाकलिया ऋषि झाबक शीतल चोपड़ा राहुल चोपडा़ ऋषभ झाबक शूरवीर मोदी दिनेश करनाणी जतन राजपुरोहित प्रदीप चोपडा़ शुभम सिंघी रतनलाल गंग धनपत मालू सहित समाज के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

