गरियाबंद: क्वांर अंधियारी पाख अष्टमी के पावन परब में परम श्रद्धेय गोंडवाना गुरुदेव, गुरुमाता के सानिध्य में गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति एवं छत्तीसगढ़ गोंडवाना संघ के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी प्रदेश/ राष्ट्र के विभिन्न जिला, ब्लाकों में ,” बेटा ज्यौतिया महाव्रत एवं चिल्हिडार महापूजा (सेवा) बड़े ही धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया.

प्रांतीय अध्यक्ष तिरूमाल चंद्रभान नेताम ने बताया कि यह प्रकृति सेवा है, पुरखों से चली आ रही हमारी अनुशासित, प्राकृतिक गोंडी धर्म, सांस्कृतिक रूढ़ी प्रथा परंपरा को अक्षुण्ण बनाए रखने तथा आगामी पीढ़ी को अवगत कराने के उद्देश्य से यह सांस्कृतिक महापर्व मनाया जाता है, इस दिन चिल्हिडार (डंगाल) व भोजली दाई की विशेष सेवा की जाती है.

चिल्ही डार एक विशिष्ठ गुणों से परिपूर्ण पेड़ है,आयुर्वेद के क्षेत्र में बहुगुणी है, जिसकी हम विशेषकर यह माताओं की आस्था विश्वास की परब है, माताएं निर्जला व्रत तथा रात्रि जागरण कर प्रकृति पेन बड़ा देव (महादेव), बूढ़ादेव, चिल्हो दाई, भोजली दाई, गुरु ददा, दाई की सानिध्य प्राप्त कर संतान प्राप्ति, अपने बच्चो की रक्षा सुरक्षा व खुशहाल जिंदगी, घर परिवार, समाज में सुख शांति समृद्धि तथा प्रदेश, देश की खुशहाली समृद्धि की कामना के साथ ज्यौतिया धारण करती हैं. भोजली माता की सेवा 7 दिन तक की जाती है, चिल्हीडार पेन को सप्तमी के दिन पंडा पुजारी, गायता, भुमका द्वारा सेवा जोहार निमंत्रण देकर अष्टमी को सम्मानपूर्वक सफेद कपड़ा में लपेटकर (नारियल) के साथ माताओं द्वारा पंडा पुजारी के सहयोग से लाया जाता है और घर के अंगना, पवित्र स्थान व देव ठाना के पास स्थापित कर सेवा की जाती है, इस अवसर पर विशेष रोटी अरसा, खीर इत्यादि को आराध्य देवी देवताओं को समर्पित किया जाता है, प्रसाद वितरित किया जाता है.

प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिला प्रमुखों की अध्यक्षता में यह पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया ।
मुख्य अतिथि गोंडवाना गुरु माता तिरुमाय दुर्गेदुलेश्वरी सिदार जी अध्यक्ष जनपद पंचायत पाली जिला कोरबा, अध्यक्षता तिरु. दुष्यंत ध्रुवा जी, विशिष्ट अतिथि तिरु.डमरूधर पुजारी जी, तिरु.गोवर्धन सिंह मांझी,संजय नेताम, नूरमति मांझी , देवांति मांझी जी, धनसिंग मरकाम जी,केनू राम यादव जी, उमेश्वर दीवान जी, दिगम्बर कवर जी,दयाराम मांझी जी, सुशीला पाथर जी, हेमंदी मांझी जी, रूपदी मांझी जी, बदन सिंह ओटी जी, नोकचंद ध्रुव जी, रूपेंद्र ध्रुव जी,जिला सचिव लंबुधर ध्रुव जी युवा प्रभाग से शंकर छेड़ेया,मनोज मरकाम,युगराज नागेश, पुरान नेताम, जिला उपाध्यक भोले मांझी,कमलेश मांझी, दिलेस्वरी कुंजाम, बसंत मरकाम,गिरीश मराई, दामोदर मरकाम,दिनेश नेताम,हीरा मांझी और भी आदिवासी समाज से और दूसरे भी समाज के लोग इस महोत्सव में लगभग 5 हजारों की जनसंख्या शामिल हुए थे ।
छत्तीसगढ़ स्टेट ब्यूरो चीफ उमेश यादव की रिपोर्ट Yadu News Nation

