● शिकायतकर्ताओं ने लगाए गंभीर आरोप, अपने निजी लोगों को लाभ पहुंचा कर पंचायती राशि का किया बंदरबांट
मैनपुर: विकासखंड के ग्राम पंचायत उरमाल के सचिव को हटाने के लिए जनपद सदस्य इंद्राबाई नेताम एवं आरटीआई कार्यकर्ता परमेस्वर जैन समेत कई ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ से शिकायत किया है। आरटीआई कार्यकर्ता व जनपद सदस्य का आरोप हैं कि सचिव सुंदरलाल खरे द्वारा पंचायती कार्यों भी भारी अनियमितता व लीपापोती कर पंचायती राशि का गबन किया गया।

शिकायतकर्ताओं ने आवेदन में उल्लेख किया है कि सचिव द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालय निर्माण कार्य में फर्जी रिपोर्ट देकर राशि आहरण किया साथ ही जिन ग्रामीणों ने निजी राशि लगाकर शौचालय का निर्माण करवाया हैं उन्हें आज पर्यन्त राशि भुगतान नहीं किया गया।

शिकायतकर्ताओं का आरोप हैं कि सचिव मूल गांव का होने के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ अपने निजी लोगों को पहुंचाता हैं, और राशि का गबन करता हैं। जिससे कारण यहां मनमानी ढंग से राशि आहरण कर बंदरबांट किया जा रहा हैं।उरमाल ग्राम पंचायत के शिकायतकर्ताओं ने 24 अगस्त को सचिव सुंदरलाल खरे के खिलाफ जनपद पंचायत मैनपुर और जिला पंचायत सीईओ के समक्ष पहुंच कर शिकायत की हैं। जिसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनपद पंचायत मैनपुर सीइओ को लिखित आदेश जारी कर सचिव सुंदरलाल खरे के खिलाफ जांच टीम गठित कर निर्माण कार्यो में भ्रष्टाचार, धांधली, नियम विरुद्ध राशि आहरण करने के संबंध में जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिला सीईओ संदीप अग्रवाल द्वारा जारी आदेश में 27 अगस्त को सुबह 11 बजे ग्राम पंचायत भवन उरमाल में समस्त अभिलेखों के साथ सचिव को उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया हैं। ज्ञात हो कि शिकायतकर्ताओं ने उरमाल सचिव सुंदरलाल खरे को उसके मूल ग्राम पंचायत केकराजोर भेजने के लिए जिला सीईओ से शिकायत भी किया हैं। ग्राम पंचायत सचिव सुंदरलाल खरे विगत 20, 25 वर्षो से निजी ग्राम में पदस्थ हैं, जिसको लेकर शिकायतकर्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा हैं कि सचिव को उरमाल ग्राम पंचायत से स्थानांतरण कर दूसरे ग्राम पंचायत में भेजा जाए।
छत्तीसगढ़ स्टेट ब्यूरो चीफ उमेश यादव की रिपोर्ट Yadu News Nation

