● दावे के बाद भी लांजीगढ़ को कन्टेनमेंट जोन घोषणा नहीं की गई
कालाहांडी: लांजीगढ़ शहर में कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इसे लेकर स्थानीय लोगों के बीच आशंका बढ़ रही है। लांजीगढ़ शहर को कन्टेनमेंट जोन घोषित करने और यहाँ एक कोविड परीक्षण केंद्र स्थापित करने की मांग हो रही है। इसे लेकर एक बैठक गुरुवार शाम को हुई और मांग पत्र लांजीगढ़ पुलिस स्टेशन के माध्यम से ब्लॉक और जिला प्रशासन को सौंपा गया। लांजीगढ़ के बुद्धिजीवियों, नागरिक संगठनों और व्यापार संघों के संयुक्त प्रयास से तीन दिनों के लिए दुकान बाजार बंद कर दिए गए हैं। हालांकि, दावा करने के 24 घंटे बाद भी, प्रशासन इस संबंध में कोई निर्णय पर नहीं पहुंचा है। चूँकि इसको लेकर लांजीगढ़ क्षेत्र में सार्वजनिक असंतोष बढ़ रहा है, इसलिए जिला स्तर के नोडल अधिकारी, लांजीगढ़ वीडिओ जितेंद्र कुमार मिश्र, तहसीलदार मुनींद्र होन्नागा, बिश्वनाथपुर स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ० भवानी शंकर लेंका, डॉ० नरेंद्र दास स्थिति पर नजर रखने के लिए लांजीगढ़ गए थे। प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य अधिकारियों को लोगों ने घेर लिया और प्रश्न किया कि लांजीगढ़ को शट डाउन और कन्टेनमेंट जोन घोषित करने से वे क्यों कतरा रहे हैं।

लोगो ने सवाल किया कि क्या वेदांत कंपनी की खातिर आम जनता को जोखिम में डाला जा रहा है और मांग की गई कि यदि कंपनी को जारी रखना है तो उसके कर्मचारियों को लांजीगढ़ शहर में आने से रोक दिया जाए। उन्होंने लांजीगढ़ में एक कोविड परीक्षण केंद्र की स्थापना की भी मांग की। चूंकि कन्टेनमेंट जोन की घोषणा जिला प्रशासन के अधीन है, इसलिए अधिकारियों ने इस बात पर जिला प्रशासन के ध्यान आकर्षण करने की वादा किये।

