कलाहांडी (लिंगराज मिश्र): नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित बृहत्तर भारत अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘भारत्स कल्चरल कनेक्शन्स एक्रॉस द ग्लोब’ में कलाहांडी के युवा लेखक और शोधकर्ता सुधीर कुमार धंगडामाझी के शोधपत्र ने अंतरराष्ट्रीय शोधकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। ग्रेटर इंडिया सोसाइटी की शताब्दी के अवसर पर भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र (आईजीएनसीए) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित 50 देशों के विद्वान, शोधकर्ता, शिक्षाविद, इतिहासकार, राजदूत और अतिथि शामिल हुए। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने किया, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखित संदेश के माध्यम से शुभकामनाएं दीं। ‘फ्रॉम महानदी टू मेलाका: मैपिंग द मैरीटाइम ट्रेड रूट्स ऑफ कलिंग साधवस’ शीर्षक से सुधीर की प्रस्तुति असुरगढ़ किले से सांदुल, तेल और महानदी के रास्ते बंगाल की खाड़ी, मेलाका (मलक्का) जलडमरूमध्य और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैले ऐतिहासिक समुद्री व्यापार मार्ग तथा व्यापार के साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान में कलिंग साधवों की भूमिका पर केंद्रित थी। मलेशिया की नॉर्दर्न यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर पतितपावन मिश्र और ईरान की शोधकर्ता डॉ. रोज़ाना हेशमतिपर ने इस प्रस्तुति का विश्लेषण किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सहित कलाहांडी और ओडिशा के विशिष्ट व्यक्तियों तथा संस्थानों ने सुधीर को बधाई जताई है।

