विरासत इतिहास की कार्यक्रम आयोजित

कटिहार (बर्धमान जैन): मुनिश्री प्रशांत कुमार जी मुनिश्री कुमुद कुमार जी के सान्निध्य में तेरापंथ युवक परिषद कटिहार द्वारा “विरासत इतिहास की” कार्यक्रम आयोजित हुआ। जनसभा को संबोधित करते हुए मुनिश्री कुमुद कुमार जी ने कहा – विरासत इतिहास की नई जानकारी, ज्ञान के विकास के लिए उपयोगी है। इसमें श्रम के साथ दिमाग का उपयोग करना था।सौ प्रश्नोत्तरी को कंठस्थ करना था।जैनागमों में ज्ञान का भण्डार है। पूरा नंदी सूत्र ज्ञान के बारे में लिखा गया है।मति,श्रुतआदि पांचों ज्ञान के बारे में विस्तार से वर्णन है। प्रतियोगिता के माध्यम से कुछ जानकारी प्राप्त करते है। ज्ञान के क्षेत्र में विकास होता रहें। ज्ञान प्राप्त करने की कोई सीमा नहीं है। चौदह पूर्व के ज्ञाता का भी ज्ञान अधूरा होता है, पूर्ण ज्ञानी केवलज्ञानी होते है। स्वाध्याय करते रहे। प्रवचन सुनने से भी नई नई होती है। ध्यान से सुनने से ही ज्ञान का विकास होता है। जितना प्रयास करते है उतना ज्ञान बढ़ता है।आज के समय में सम्यक ज्ञान का होना जरूरी है अन्यथा समाज में समस्या बढ़ती जा रही है। अपराधिक मामले बढ़ते जा रहे है। अध्यात्म से ही समाज का सुधार संभव है।सबने अच्छा परिश्रम किया है।मुक्ति को पाने के लिए ज्ञान बहुत अपेक्षित है।मोक्ष के चार प्रकार में से एक प्रकार ज्ञान है।ज्ञान की अंतराय दूर होनी बहुत जरूरी है। ज्ञान को पाने के लिए अनेकों साधन है। विविध रुपों में ज्ञान को अर्जित कर सम्यग् ज्ञान को प्राप्त करें।

संदीप दुगड़ ने बताया कि- कार्यक्रम का शुभारंभ महिला मंडल के मंगलाचरण से हुआ। तेरापंथ युवक परिषद के संगठन मंत्री नीरज दुगड़ ने कार्यक्रम पर विचारों की प्रस्तुति दी। समय प्रबंधन का दायित्व सहमंत्री निशांत संचेती ने पूर्ण किया। स्कोर का दायित्व मंत्री श्रेयांस खटेड़ ने निभाया। आभार अमित पटावरी ने किया।प्रथम स्थान तपस्वी ग्रुप ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान तेजस्वी ग्रुप ने प्राप्त किया। तृतीय स्थान यशस्वी ग्रुप ने प्राप्त किया।कार्यक्रम का कुशल संचालन मुनि श्री कुमुद कुमार जी ने किया।

Sunil Kumar Dhangadamajhi

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