सीपीएस ने व्यक्तित्व को तराशा है तलाशा है -मुनि प्रशांत
कटिहार (बर्धमान जैन): अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के तत्वावधान में काॅन्फिडेंट पब्लिक स्पीकिंग कार्यशाला तेरापंथ युवक परिषद कटिहार द्वारा आयोजित हुई। दीक्षांत समारोह में संबोधित करते हुए मुनिश्री प्रशांत कुमारजी ने कहा – अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित यह कार्यशाला वक्ता को तैयार करने का सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। भाषण देने की कला का विकास होता है। कैसे हम मंच पर अपनी प्रस्तुति दे। अलग-अलग शब्द पर अलग-अलग तरीके से जोर देने से वाक्य का भावार्थ बदल जाता है।यह न केवल कला का विकास है अपितु स्वयं के आगे बढ़ने का तरीका है।मन का डर, संकोच दूर होता है। भावों की अभिव्यक्ति दी जाती है। स्वयं के भीतर की योग्यता उजागर होती है।व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है। सीपीएस ने व्यक्तित्व को तराशा है,तलाशा है।हम अपनी शक्ति को पहचानें। अपने आप को आगे बढ़ाएं। अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के विभिन्न आयामों से संघ शक्ति मजबूत बनी है। हम अपने ज्ञान का विकास करें। तेरापंथ युवक परिषद कटिहार को साधुवाद।
मुनिश्री कुमुद कुमारजी ने कहा – तेरापंथ धर्मसंघ व्यक्तित्व निर्माण की निर्माणशाला है। विभिन्न प्रकार से व्यक्ति का निर्माण होता है।इस कार्यशाला के माध्यम से न केवल बोलने का विकास होता है बल्कि ज्ञान का विकास, चिंतन शैली का विकास होता है। जितना बोला जाता है उससे अधिक पढ़ना होता है। टेक्नोलॉजी से ज्ञान अर्जित न करें अपितु स्वाध्याय के द्वारा जानकारी प्राप्त करें। आपने कार्यशाला के द्वारा जो सीखा, जो पाया उसे विकसित करना है।
सीपीएस के प्रभारी सोनू डागा ने कहा – सीपीएस अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण आयाम है। प्रारम्भ से आज तक इसने बुलंदियों को छुआ है। सरकार ने भी इसकी उपयोगिता को समझा है। कटिहार वासी धन्यवाद के पात्र है।
प्रोविजनल राष्ट्रीय प्रशिक्षक सीपीएस एकेडमी के प्रशिक्षक आदित्य मांडोत ने कहा – हमें अपनी टीम पर भरोसा होना चाहिए। किसी को कैसे प्रोत्साहित किया जा सकता है। हम जीवन को निखारना सीखें। हमारे भीतर जो विभिन्न खूबियां हैं उन्हें जाने और जीने का प्रयास करें।
अभातेयुप प्रबुद्ध विचारक अमित नाहटा ने कहा – हर व्यक्ति के भीतर बहुत कुछ है कमी भी है और काबिलियत भी।हम क्या देखते हैं, क्या सोचते है वह अहमियत रखता है।
श्रेयांस खटेड़ ने बताया – दीक्षांत समारोह का शुभारंभ तेयुप सदस्यों के विजय गीत से हुआ।तेयुप अध्यक्ष मनीष नाहटा ने दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा की एवं श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन किया। सप्त दिवसीय कार्यशाला में प्रशिक्षक आर्यन गुलेछा, कुशाल भंसाली ने कैसे हम अपने आत्मविश्वास को जगाएं। अच्छे वक्ता की पहचान क्या होती है। बोलने की कला, प्रस्तुत विषय की जानकारी, परिस्थिति के अनुसार विचारों को व्यक्त करने के बारे में सविस्तार प्रशिक्षण दिया। महासभा के बिहार झारखंड आंचलिक प्रभारी राजेश पटावरी ने विचार व्यक्त किए। सभी संभागियों ने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला में तेरापंथ युवक परिषद सदस्यों एवं तेरापंथ सभा, महिला मंडल का सहयोग प्राप्त हुआ।आभार तेयुप मंत्री श्रेयांस खटेड़ ने व्यक्त किया।

