नई दिल्ली: केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच आज (5 दिसंबर, 2020) दौर की बैठक हुई। कृषि कानूनों खिलाफ जारी किसान आंदोलन के बीच शनिवार को हुई बैठक में किसान अपनी मांगो पर अड़े रहे। करीब 6 घंटे चली ये बैठक अब समाप्त हो गई है, किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच अगले दौर की वार्ता अब 9 दिसंबर, 2020 को होगी। दिल्ली के विज्ञान भवन में हुई इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल किसान नेताओं के साथ बैठक में मौजूद रहे। शनिवार को हुई 5वें दौर की बैठक में भी कोई कोई फैसला नहीं निकल सका।
5वें दौर की बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से अनुरोध किया कि वह आंदोलन में शामिल वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों से घर भेज दें। किसानों ने नरेंद्र सिंह तोमर की अपील को ठुकरा दिया और कहा कि वह हमारे पास एक साल के लिए सामग्री है। हम पिछले कई दिनों से सड़कों पर हैं और सरकार चाहती है तो हम आगे भी सड़क पर ही रहेंगे, हमें कोई समस्या नहीं है। हम हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे। आपका इंटेलिजेंस ब्यूरो जानकारी देता रहेगा कि हम विरोध स्थल पर क्या कर रहे हैं। हम कॉरपोरेट फार्मिंग नहीं चाहते हैं। इस कानून से सरकार को फायदा होगा, किसानों को नहीं।
मीटिंग समाप्त होने के बाद एक किसान नेता ने कहा कि सरकार ने तीन दिन का समय मांगा है। 9 दिसंबर को सरकार हमें प्रपोजल भेजेगी, उस पर विचार करने के बाद बैठक होगी। 8 तारीख को भारत बंद जरूर होगा। ये कानून जरूर रद्द होंगे। एक अन्य किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि सरकार एक मसौदा तैयार करेगी और हमें देगी। उन्होंने कहा कि वे राज्यों से भी सलाह लेंगे। MSP पर भी चर्चाएं हुईं लेकिन हमने कहा कि हमें कानूनों को भी अपनाना चाहिए और उनके रोल के बारे में बात करनी चाहिए। भारत बंद (8 दिसंबर को) घोषित किया जाएगा।

