गुलनाज के घर पहुँचा एआईएसएफ प्रतिनिधिमंडल, न्याय के लिए वैशाली में उतरे छात्र
पटना: वैशाली जिले के देसरी थाने के रसलपुर हबीब गांव में 20वर्षीय गुलनाज खातून पर तीन मनचलों के द्वारा मिट्टी तेल छिड़ककर जिन्दा जलाने से झुलसी लड़की ने पीेएमसीएच में इलाज के दौरान रविवार को दम तोड़ दिया था। मिली जानकारी अनुसार गत 30 अक्टूबर को ही लड़की को मिट्टी तेल छिड़क जलाने की कोशिश किया गया था जबकि प्राथमिकी 02 नवम्बर को दर्ज की गई। इस मामले में 17 दिनों के बाद अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नही होने पर छात्र संगठन एआईएसएफ ने नाराजगी व्यक्त किया है।

एआईएसएफ ने गुलनाज को न्याय दिलाने के लिए वैशाली में आक्रोश मार्च निकाला। वहीं एआईएसएफ का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुलनाज के घर भी पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में शामिल एआईएसएफ के राज्य परिषद सदस्य सफ़दर इरशाद एवं वैशाली जिला अध्यक्ष प्रकाश कुमार की मौके पर मौजूद देसरी थाना प्रभारी सेराज हुसैन के साथ 17 दिनों बाद भी गिरफ्तारी नहीं होने पर तीखी झड़प भी हुई।

घटना को लेकर एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव सुशील कुमार ने कहा है कि डबल इंजन की इस सरकार में बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ जुमला साबित हुआ है। 17 दिनों बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होना क्या साबित करता है। ऐसे वीभत्स काम करने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के लिए मुख्यमंत्री को ठोस कार्रवाई करनी होगी।

वहीं एआईएसएफ के राज्य अध्यक्ष रंजीत पंडित ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था पूरी तरह धवस्त हो चुकी है। लड़कियों और महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है लेकिन संवेदनहीन सरकार आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रही है। घटना के 17 दिनों के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नही होना सरकार के कानून के राज का पोल खोलती है। आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी नही होने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी छात्र संगठन एआईएसएफ ने दिया है।
पटना से रामजी प्रसाद की रिपोर्ट Yadu News Nation

